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हेल्थ अलर्ट: रात में सोते समय सुन्न हो जाते हैं हाथ? भूलकर भी न करें नजरअंदाज

Lucknow Focus News Desk: यदि आपको रात में सोते समय अचानक हाथ सुन्न होने, झनझनाहट महसूस होने या हाथ में चींटियाँ चलने जैसा एहसास होता है, तो इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज बिल्कुल न करें। अक्सर यह समस्या सोने की गलत पोजीशन के कारण होती है, लेकिन यदि यह परेशानी बार-बार हो, तो यह शरीर के अंदर किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकती है।

सोते समय हाथ सुन्न होने के मुख्य कारण

  1. सोने की गलत पोजीशन: जब हम एक ही करवट में लंबे समय तक रहते हैं या हाथ को सिर के नीचे दबाकर सोते हैं, तो नसों पर दबाव पड़ता है। इससे नसों के कामकाज में अस्थायी रुकावट आती है और हाथ सुन्न होने लगता है। पोजीशन बदलने पर यह आमतौर पर ठीक हो जाता है।

  2. सर्वाइकल या गर्दन की समस्या: गर्दन की हड्डियों या डिस्क में बदलाव के कारण नस पर दबाव पड़ने से गर्दन से हाथ तक दर्द, झनझनाहट या सुन्नपन हो सकता है। यदि इसके साथ गर्दन में दर्द या उंगलियों में कमजोरी महसूस हो, तो डॉक्टर से जाँच कराना जरूरी है।

  3. डायबिटिक न्यूरोपैथी और कार्पल टनल सिंड्रोम: डायबिटीज के कारण नसों को नुकसान (न्यूरोपैथी) पहुँच सकता है। इसके अलावा, कलाई में नस दबने की समस्या (कार्पल टनल सिंड्रोम) के कारण विशेष रूप से रात में हाथ और उंगलियाँ (अंगूठा, तर्जनी और मध्यमा) सुन्न हो सकती हैं।

क्या उपाय करने चाहिए?

  • सोते समय हाथ को शरीर के नीचे दबाकर न रखें।

  • गर्दन और हाथों को आरामदायक स्थिति में रखें।

  • लंबे समय तक कोहनी मोड़कर सोने से बचें।

  • यदि यह समस्या बार-बार हो, तो किसी न्यूरोलॉजिस्ट से परामर्श लें।

  • डॉक्टर की सलाह के बिना कोई भी दवा या विटामिन सप्लीमेंट न लें।

कब जाएं तुरंत डॉक्टर के पास?

यदि अचानक एक हाथ सुन्न होने के साथ चेहरे का हिस्सा टेढ़ा हो जाए, बोलने में परेशानी हो, या हाथ-पैरों में कमजोरी व संतुलन बिगड़ने लगे, तो यह स्ट्रोक के लक्षण हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

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