Health Update: इन 6 आदतों से बढ़ा रहा है हार्ट अटैक का खतरा, जानिए इनके बारें में

Lucknow Focus News Desk: पिछले कुछ वर्षों में भारतीय युवाओं में हृदय रोग (हार्ट डिसीस), हार्ट अटैक और कार्डिएक अरेस्ट के मामले तेजी से बढ़े हैं। डॉक्टर्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसके पीछे कई जीवनशैली से जुड़े कारकों को जिम्मेदार मानते हैं। पुरानी कहावत है कि ‘दिल का रास्ता पेट से होकर गुजरता है’, जो यह बताती है कि आपके खान-पान और आदतों का सीधा संबंध आपके दिल की सेहत से है।
ख़राब जीवनशैली की ये आदतें न केवल आपको मधुमेह (डायबिटीज), उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) और उच्च कोलेस्ट्रॉल का मरीज़ बनाती हैं, बल्कि सीधे तौर पर हार्ट अटैक के खतरे को भी बढ़ाती हैं।
वे 6 आदतें जो आपको दिल का रोगी बना सकती हैं:
- अत्यधिक सोडियम (नमक) का सेवन
शरीर में सोडियम की अधिक मात्रा तरल पदार्थ जमा होने का कारण बनती है, जिससे रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) बढ़ जाता है। इस स्थिति में हृदय को सामान्य से अधिक मेहनत करनी पड़ती है। लंबे समय तक दिल पर पड़ने वाला यह अतिरिक्त दबाव उसे बीमार बनाता है।
- प्रोसेस्ड फूड्स का अति-सेवन
लंबे समय तक प्रोसेस्ड फूड्स का ज्यादा सेवन करने से आपकी धमनियों में प्लाक (वसा और कोलेस्ट्रॉल) जमाव हो सकता है। इसे एथेरोस्क्लेरोसिस कहते हैं। यह जमाव हृदय में रक्त के प्रवाह को बाधित करता है, जिससे हार्ट अटैक का खतरा बहुत बढ़ जाता है।
- चीनी (शुगर) का अत्यधिक सेवन
चीनी का ज्यादा सेवन शरीर में इंसुलिन का संतुलन बिगाड़ता है, जिससे मोटापे का खतरा बढ़ता है। चीनी सूजन (इंफ्लेमेशन), हाई ब्लड प्रेशर और ग्लूकोज के स्तर को बढ़ाकर हृदय रोगों के जोखिम को तेज़ी से बढ़ाती है।
- शारीरिक निष्क्रियता (कसरत न करना)
लंबे समय तक बैठे रहना, देर तक सोना और कम शारीरिक गतिविधि दिल की मांसपेशियों को कमज़ोर करती है, जिससे रक्त प्रवाह बाधित होता है। इसके परिणामस्वरूप मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर और हाई कोलेस्ट्रॉल का खतरा बढ़ता है।
- तम्बाकू का उपयोग (धूम्रपान)
तम्बाकू में मौजूद निकोटिन दिल और रक्त वाहिकाओं (Blood Vessels) को सीधा नुकसान पहुँचाता है। यह खून में ऑक्सीजन की मात्रा को कम करता है और ब्लड प्रेशर बढ़ाता है। लंबे समय तक सिगरेट पीने से कैंसर और स्ट्रोक का खतरा भी कई गुना बढ़ जाता है।
- अत्यधिक शराब का सेवन
बहुत ज्यादा शराब पीने से ब्लड प्रेशर बढ़ता है, खून में ट्राइग्लिसराइड का स्तर बढ़ जाता है और असामान्य हृदय गति (Irregular Heart Beat) जैसी भयावह स्थितियाँ पैदा हो सकती हैं, जो दिल की गति रुकने (Cardiac Arrest) का कारण बन सकती हैं।
दिल के रोगों और हार्ट अटैक के खतरे से बचने के लिए खान-पान पर नियंत्रण और सक्रिय जीवनशैली अपनाना अत्यंत आवश्यक है। विशेषज्ञों के अनुसार, सप्ताह में चार से पाँच बार मध्यम तीव्रता की कसरत, जैसे तेज़ चलना, जॉगिंग या योग करना, हृदय रोगों के जोखिम को काफी हद तक कम कर सकता है।




