बाराबंकी में ‘जननी-जनक महोत्सव’: 151 वरिष्ठ नागरिकों के पुत्र-पुत्रियों ने पखारे पांव, 19 सालों से चली आ रही अनूठी परंपरा

Lucknow Focus News Desk: अंतर्राष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक दिवस (1 अक्टूबर) के मौके पर बाराबंकी में एक अनोखी और भावुक परंपरा देखने को मिली। बनीकोडर ब्लॉक के ग्राम छंदवल स्थित चाइल्ड फ्रेंडली स्कूल में बेसिक उत्थान एवं ग्रामीण सेवा संस्थान (बिरजू संस्थान) द्वारा ‘जननी-जनक महोत्सव’ का आयोजन किया गया।
इस अनूठे महोत्सव में 151 वरिष्ठ नागरिकों को उनके पुत्र-पुत्रियों, पोते-पोतियों ने अपने हाथों से पूजा-अर्चना कर सम्मानित किया। यह केवल सम्मान समारोह नहीं था, बल्कि परिवार में बुजुर्गों के प्रति सेवा और सम्मान का संकल्प लेने का एक भावनात्मक मंच था।
अपनों ने किए पांव पखारकर सम्मान
संस्थान के अध्यक्ष रत्नेश कुमार ने बताया कि यह महोत्सव लगातार 19 वर्षों से आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य ऐसे वरिष्ठ नागरिकों को उचित सम्मान दिलाना है, जिन्हें अक्सर परिवार में उपेक्षा या समायोजन की आवश्यकता होती है।
महोत्सव में दादा-दादी और बुजुर्ग माता-पिता की उनके बेटे-बेटियों और बहुओं द्वारा पांव पखारकर पूजा कराई गई। इस दौरान सभी ने यह संकल्प लिया कि वे अपने वरिष्ठ बुजुर्गों की सेवा और सम्मान करेंगे। सभी वरिष्ठ नागरिकों को संस्थान की ओर से शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया। इस परंपरा से परिवार में सामंजस्य और बुजुर्गों को उचित सम्मान देने की भावना मजबूत हो रही है।
चाइल्ड फ्रेंडली स्कूल के छात्रों ने भी मातृ-पितृ भक्ति पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ देकर उपस्थित लोगों को भाव-विभोर कर दिया।
नामचीन हस्तियों ने बढ़ाया मान
इस भव्य महोत्सव में प्रदेश के कई नामचीन समाजसेवियों और गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया, जिसमें मुख्य अतिथि एमएलसी अंगद कुमार सिंह और विशिष्ट अतिथि समाज कल्याण विभाग के उप निदेशक जे. राम, नेत्र सर्जन डॉ. विवेक वर्मा, पूर्व सांसद आनंद प्रकाश गौतम और सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष बाबूलाल वर्मा सहित कई अन्य हस्तियां शामिल रहीं।
इसके अतिरिक्त, श्रावस्ती से पधारे पूज्य भन्ते विमल जी ने महोत्सव की अध्यक्षता की और परिवार प्रबोधन किया।
महोत्सव में हीलिंक क्लीनिक के चिकित्सक डॉ. गौरव सिंह और डॉ. राजेश कुमार ने निशुल्क हेल्थ कैम्प भी लगाया, जहाँ लगभग 85 वरिष्ठ नागरिकों का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक उपचार किया गया। महोत्सव में वरिष्ठ नागरिकों, परिवारजनों और छात्रों सहित लगभग 500 लोगों ने भाग लिया और सभी ने एक साथ बैठकर भोजन ग्रहण किया।




