लखनऊ

BBAU और मौलाना आज़ाद मेमोरियल अकादमी की पहल: लखनऊ में सतर्कता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

Lucknow Focus News Desk: बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय (BBAU), लखनऊ के मुख्य सतर्कता कार्यालय और मौलाना आज़ाद मेमोरियल अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को लखनऊ के बिजनौर स्थित इकरा पब्लिक स्कूल में एक भव्य ‘सतर्कता जागरूकता कार्यक्रम’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों और स्थानीय नागरिकों को भ्रष्टाचार के दुष्प्रभावों, नैतिक मूल्यों, पारदर्शिता, डिजिटल सुरक्षा और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति जागरूक करना था।

साइबर सुरक्षा और डिजिटल सतर्कता पर विशेष फोकस

कार्यक्रम की शुरुआत विश्वविद्यालय के सतर्कता निदेशक प्रो. आर. ए. खान के मार्गदर्शन में हुई। सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. राजश्री ने डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने लोगों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, साइबर अपराध, फर्जी लिंक, सुरक्षित डिजिटल लेन-देन और व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने सभी उपस्थित लोगों को सत्यनिष्ठा, ईमानदारी और भ्रष्टाचार के विरुद्ध सजग रहने की शपथ भी दिलाई।

सामाजिक समानता और नागरिकों के अधिकार

डॉ. रेणु पांडेय ने अपने संबोधन में सामाजिक समानता, भाईचारे और सरकारी जनकल्याणकारी नीतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नागरिकों को अपने मूल अधिकारों, कर्तव्यों और सरकार की योजनाओं के प्रति जागरूक रहना चाहिए। उन्होंने एक सशक्त, समावेशी और समरस समाज के निर्माण के लिए आपसी सद्भाव और नागरिक सहभागिता को बेहद जरूरी बताया।

कर्तव्यों के प्रति सजग रहना ही असली सतर्कता: डॉ. अब्दुल कुद्दूस हाशमी

मौलाना आज़ाद मेमोरियल अकादमी के महासचिव डॉ. अब्दुल कुद्दूस हाशमी ने कहा कि सतर्कता का दायरा केवल भ्रष्टाचार की शिकायत तक सीमित नहीं है, बल्कि अपने दैनिक कर्तव्यों के प्रति पूरी ईमानदारी बरतना और गलत के खिलाफ आवाज उठाना भी सतर्कता है। उन्होंने शिक्षा के वास्तविक उद्देश्य पर बात करते हुए कहा कि शिक्षा का मतलब केवल डिग्रियां हासिल करना नहीं, बल्कि समाज के प्रति जवाबदेह, संवेदनशील और नैतिक नागरिकों का निर्माण करना है।

शपथ के साथ कार्यक्रम का समापन

कार्यक्रम के दौरान स्थानीय नागरिकों और महिलाओं ने साइबर सुरक्षा, सरकारी योजनाओं और भ्रष्टाचार रोकथाम से जुड़े कई सवाल पूछे, जिनका वक्ताओं ने संतोषजनक उत्तर दिया। अंत में सभी प्रतिभागियों ने देश को भ्रष्टाचार-मुक्त बनाने, नैतिक आचरण अपनाने और पारदर्शिता बनाए रखने की सामूहिक शपथ ली।

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