अनियमित नींद बन सकती है टाइप-2 डायबिटीज का कारण, रिसर्च में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

Lucknow Focus News Desk: क्या आप रोज़ देर रात तक जागते हैं और आपकी नींद का कोई निश्चित समय नहीं है? अगर हाँ, तो सावधान हो जाइए! हाल ही में एक अध्ययन में यह सामने आया है कि अनियमित नींद की आदतें आपको टाइप-2 डायबिटीज का शिकार बना सकती हैं। जो लोग रोज़ाना एक ही समय पर नहीं सोते और उठते, उनमें डायबिटीज का खतरा 34% अधिक पाया गया है।
अध्ययन में क्या सामने आया?
यह शोध अमेरिका के ब्रिघम एंड वुमेन हॉस्पिटल, बोस्टन के वैज्ञानिकों द्वारा किया गया, जिसमें 7 रातों तक नींद के पैटर्न का विश्लेषण किया गया और फिर 7 वर्षों से अधिक समय तक प्रतिभागियों की निगरानी की गई।
रिपोर्ट के अनुसार
जिन लोगों की नींद अनियमित थी, उनमें टाइप-2 डायबिटीज का जोखिम 34% अधिक पाया गया।
नियमित नींद का तात्पर्य है कि व्यक्ति हर रोज़ लगभग एक ही समय पर सोए और उठे।
जिन लोगों की नींद का शेड्यूल तय था, उनमें डायबिटीज होने की आशंका काफी कम पाई गई।
ग्लोबल अलर्ट: तेजी से बढ़ रही है टाइप-2 डायबिटीज
वर्तमान में दुनियाभर में करीब 50 करोड़ (500 मिलियन) लोग टाइप-2 डायबिटीज से प्रभावित हैं।
यह बीमारी मृत्यु और विकलांगता के शीर्ष 10 कारणों में गिनी जाती है।
विश्व स्वास्थ्य विशेषज्ञों का अनुमान है कि वर्ष 2050 तक यह संख्या बढ़कर 130 करोड़ (1.3 बिलियन) तक पहुँच सकती है।
बचपन से सुनाई जाने वाली अंग्रेज़ी कहावत “Early to bed and early to rise, makes a man healthy, wealthy and wise” केवल किताबों की शोभा नहीं है, बल्कि इसका गहरा संबंध हमारी सेहत से है।
विशेषज्ञों का कहना है कि 7 से 8 घंटे की गहरी नींद हमारे शरीर और मस्तिष्क के लिए ज़रूरी है। नींद की गुणवत्ता और उसका समय शरीर की इंसुलिन संवेदनशीलता, हार्मोन संतुलन और मेटाबॉलिज़्म को प्रभावित करता है। नींद में गड़बड़ी न केवल डायबिटीज, बल्कि दिल की बीमारियों, मोटापे, और मानसिक तनाव का भी कारण बन सकती है।
स्वस्थ नींद के लिए अपनाएं ये आदतें
रोजाना एक ही समय पर सोने और उठने की आदत डालें।
सोने से कम से कम एक घंटा पहले मोबाइल/स्क्रीन का उपयोग बंद करें।
चाय, कॉफी और भारी भोजन को रात में टालें।
सोने का कमरा शांत, अंधेरा और ठंडा रखें।
नियमित व्यायाम करें, लेकिन सोने के समय से ठीक पहले नहीं।
आज की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में नींद को नज़रअंदाज़ करना आम बात हो गई है, लेकिन यही लापरवाही भविष्य में टाइप-2 डायबिटीज जैसे गंभीर रोग का रूप ले सकती है। इसीलिए समय पर सोना और उठना केवल आदत नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन की नींव है। अपने जीवनशैली में थोड़ा बदलाव करके आप एक बड़ी बीमारी से खुद को सुरक्षित रख सकते हैं।
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