uncategorized

क्या यूपी कांग्रेस हाथ पर हाथ धरे बैठी है?


DECEMBER 21, 2020
लखनऊ फोकस डेस्क
लखनऊ। यूपी कांग्रेस के बारे में तेजी से यह प्रचारित किया जा रहा है कि प्रदेश में पिछले दिनों संपन्न हुए विधान परिषद और विधानसभा उपचुनावों में खाता न खुल पाने के कारण वह निराश हो गई है। यही कारण है कि जिस शिद्दत से वह किसानों के मुद्दों को उठा रही थी, उतनी शिद्दत से नहीं उठा रही है। अब किसानों का मुद्दा समाजवादी पार्टी ने अपने हाथों में ले लिया है। कहा जाता है कि पार्टी अपने अंतर्विरोधों में उलझी हुई है, क्योंकि केंद्रीय स्तर पर अध्यक्ष पद को लेकर इस समय बहुत खींचतान चल रही है।
इस बारे में कांग्रेस के कुछ अंदरूनी सूत्रों से बात की गई तो ये बातें निकलकर सामने आईं कि यह बात तो सही है कि केंद्रीय स्तर पर पार्टी में खींचतान है। लेकिन यह भी सही है कि आने वाले दिनों बहुत जल्दी ही राहुल गांधी की पार्टी अध्यक्ष के तौर पर दुबारा ताजपोशी होने जा रही है। इसके साथ ही पार्टी पर छाए संशय के बादल समाप्त हो जाएंगे। तब कांग्रेस एक नए रूप में पहले से अधिक आक्रामक होकर उभरेगी। ऐसा कहना है दिल्ली में कांग्रेस के केंद्रीय कार्यालय के एक सूत्र का।
दूसरी तरफ, सूत्रों के अनुसार लखनऊ में प्रदेश कार्यालय में पार्टी के बड़े नेता भले न दिखाई देते हों लेकिन वे चुपचाप नहीं बैठे हैं। वे सभी क्षेत्र में संगठन के लिए काम कर रहे हैं। वे ऐसा इसलिए कर रहे हैं कि उन्हें ऐसा करने के लिए प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा है। श्रीमती प्रियंका गांधी वाड्रा का प्रदेश नेतृत्व को स्पष्ट निर्देश है कि वे आफिस में बैठकर बयानबाजी करने के बजाय गांव-गांव जाएं और संगठन को मजबूत करें। इसके लिए उन्होंने एक ब्लूप्रिंट भी बनाकर दिया है।
यूपी कांग्रेस के प्रदेश स्तर के एक पदाधिकारी बताते हैं कि कौन कहता है कि यूपी में कांग्रेस चुपचाप बैठी है? वह कहते हैं-हम चुपचाप नहीं बैठे हैं। हमारा तात्कालिक उद्देश्य है पंचायत चुनाव तक संगठन को चुस्त-दुरुस्त कर लेना। वह बताते हैं कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष लगातार दो पखवाड़े से प्रदेश के गांवों की धूल छान रहे हैं। वह न्याय पंचायत स्तर की बैठकें करके संगठन को चुस्त-दुरुस्त बना रहे हैं। उनके अलावा अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी भी इसी काम में लगे हैं। वे न्याय पंचायत स्तर पर संगठन का निर्माण कर रहे हैं। क्योंकि अगर हमारे पास न्याय पंचायत लेवल पर कार्यकर्ता तैयार हो गए तो हम पंचायत चुनावों में अच्छा प्रदर्शन करेंगे। यह मजबूती विधानसभा चुनाव में फायदा पहुंचाएगी।
प्रदेश स्तर के पदाधिकारी बताते हैं कि श्रीमती वाड्रा किसी भी पदाधिकारी को कभी भी फोन करके संगठन की प्रगति की जानकारी ले लेती हैं। ऐसे में सभी अलर्ट हैं। बस दिल्ली का मामला सुलझ जाए तो प्रियंका भी यहां तेजी से सक्रिय होंगी।
पदाधिकारी बताते हैं कि अपने वरिष्ठ नेताओं से हम सुनते हैं कि कभी ग्राम कांग्रेस कमेटियां संगठन की ‘प्राणवायु’ हुआ करती थीं। पार्टी सत्ता से बाहर हुई तो कार्यकर्ता दूसरी पार्टियों में चले गए। अब हम अपनी ग्राम कमेटियों को फिर से जीवित करेंगे। हमारी ‘प्राणवायु’ एक बार वापस आ जाए तो हम विधानसभा में अच्छा प्रदर्शन करेंगे।
वह बताते हैं-कोई चीज जब एक बार बिगड़ जाती है, या यूं कहें कि बुरी तरह बिगड़ जाती है तो उसको पुराने रूप में लाने में समय लगता है। यही स्थिति कांग्रेस के साथ है। लेकिन जल्दी ही हमारी पार्टी प्रदेश में फिर उठ खड़ी होगी।
(फोटो-सोशल मीडिया)

Related Articles

Back to top button