पंजाब में नकली शराब कांड: अमृतसर में 14 लोगों की मौत, 7 आरोपी गिरफ्तार

Lucknow Focus News Desk: पंजाब के अमृतसर ज़िले में नकली शराब पीने से हुई त्रासदी ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। कथित तौर पर मेथनॉल युक्त जहरीली शराब के सेवन से अब तक कम से कम 14 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि छह अन्य अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती हैं। पुलिस ने इस मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें मुख्य आरोपी भी शामिल है।
पांच गांवों में मौतें, दिहाड़ी मजदूर बने शिकार
मृतकों की संख्या अमृतसर के भंगली, पातालपुरी, मरारी कलां और थेरेवाल गांवों से सामने आई है। अधिकारियों के अनुसार, मरने वालों में अधिकांश दिहाड़ी मजदूर हैं। अमृतसर की उपायुक्त साक्षी साहनी ने बताया कि पीड़ितों ने रविवार या सोमवार को शराब का सेवन किया था, जिसके बाद उन्हें उल्टी और अन्य गंभीर लक्षण होने लगे।
मेथनॉल का किया गया था इस्तेमाल
जांच में सामने आया है कि जहरीली शराब में ‘मेथनॉल’ का उपयोग किया गया था, जिसे थोक में ऑनलाइन खरीदा गया था। मेथनॉल की 50 लीटर खेप मुख्य आरोपी प्रभजीत सिंह को मिली थी, जिसे उसने हल्का मिश्रण बनाकर दो-दो लीटर के पैकेट में बेच दिया। पुलिस हर एक पैकेट का पता लगाकर जब्त करने में जुटी है।
गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें मुख्य आरोपी प्रभजीत सिंह के अलावा कुलबीर सिंह, साहिब सिंह, गुरजंत सिंह और निंदर कौर शामिल हैं। पूछताछ में यह सामने आया है कि साहिब सिंह ने ही ऑनलाइन मेथनॉल का ऑर्डर दिया था और उसकी आपूर्ति की गई थी।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस घटना को ‘हत्या’ करार दिया है। उन्होंने कहा, “यह मौत नहीं, हत्याएं हैं। दोषियों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।” मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों को न्याय का भरोसा दिलाया।
अमृतसर जिला प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रभावित गांवों में मेडिकल टीमों को तैनात कर दिया है। ये टीमें घर-घर जाकर उन लोगों की जांच कर रही हैं जिन्होंने संदिग्ध शराब का सेवन किया हो। डीसी साहनी ने कहा कि भले ही लक्षण न हों, लेकिन सभी संदिग्धों को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल भेजा जा रहा है।
जांच जारी, कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
बॉर्डर रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक सतिंदर सिंह और जालंधर ग्रामीण पुलिस के एसएसपी मनिंदर सिंह ने प्रभावित गांवों का दौरा कर हालात का जायजा लिया और पीड़ितों के परिजनों से मुलाकात की। पुलिस ने बताया कि भारतीय दंड संहिता और आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है और आगे की जांच जारी है।
