समीर वानखेड़े को सुप्रीम कोर्ट से ‘संजीवनी’, चार्जशीट पर जवाब देने के लिए मिला एक हफ्ते का समय

Lucknow Focus News Desk: कोर्डेलिया क्रूज ड्रग्स मामले के बाद से ही विवादों और कानूनी कार्रवाइयों के घेरे में रहे आईआरएस अधिकारी समीर वानखेड़े को देश की सर्वोच्च अदालत से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने वानखेड़े के खिलाफ जारी अनुशासनात्मक कार्यवाही (Disciplinary Action) के मामले में उन्हें अपनी बात रखने के लिए एक हफ्ते की मोहलत दे दी है।
क्या है पूरा कानूनी पेंच?
समीर वानखेड़े ने 2021 के चर्चित कोर्डेलिया क्रूज ड्रग मामले से जुड़ी विभागीय कार्यवाही को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (CAT) के उस आदेश को पलट दिया था, जिसमें वानखेड़े के खिलाफ कार्यवाही को खत्म करने की बात कही गई थी। जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने मामले की गंभीरता को देखते हुए माना कि वानखेड़े को अपना पक्ष रखने के लिए पर्याप्त समय और अवसर मिलना अनिवार्य है।
एक हफ्ते का समय, सरकार की अगली चाल
अदालत ने आदेश दिया है कि समीर वानखेड़े अब उन्हें थमाई गई चार्जशीट (आरोप पत्र) का जवाब एक हफ्ते के भीतर दाखिल करेंगे। इस जवाब के आने के बाद ही सरकार और संबंधित विभाग आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई पर कोई निर्णय ले सकेंगे। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उन्होंने अभी मामले के गुण-दोष (Merits) पर कोई अंतिम राय व्यक्त नहीं की है।
Also Read: बहराइच: जंगलों के खौफ से आजाद हुए 136 परिवार, सीएम योगी ने 500 लोगों को सौंपा ‘सम्मान का नया घर’