फैक्ट चेक: क्या देश में फिर लगने वाला है लॉकडाउन? जानें PM मोदी के ‘कोरोना’ वाले बयान का असली सच

Lucknow Focus News Desk: पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर भारत में ‘लॉकडाउन’ लगने की अटकलें तेज हो गई हैं। इन अफवाहों को बल तब मिला जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में पश्चिम एशिया (अमेरिका-ईरान) संकट पर बोलते हुए ‘कोरोना काल’ का जिक्र किया। संदेश वाहक की पड़ताल में यह स्पष्ट हुआ है कि सरकार की ओर से ऐसी कोई घोषणा नहीं की गई है और ये खबरें पूरी तरह निराधार हैं।
PM मोदी ने वास्तव में क्या कहा?
प्रधानमंत्री ने सोमवार को संसद में युद्ध के वैश्विक प्रभाव पर चर्चा करते हुए देशवासियों से ‘तैयार’ रहने को कहा था। पीएम ने कहा कि युद्ध के कारण उपजे वैश्विक हालात का प्रभाव लंबा रह सकता है। उन्होंने देशवासियों को याद दिलाया कि जिस तरह हम कोरोना काल में एकजुट रहे थे, वैसी ही मानसिक तैयारी और धैर्य की आवश्यकता अब फिर से है। उन्होंने जोर दिया कि आर्थिक, राष्ट्रीय और मानवीय सुरक्षा की चुनौतियों का सामना करने के लिए संसद से दुनिया को एकजुट संदेश जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने ‘धीरज, संयम और शांत मन’ से चुनौती का मुकाबला करने की बात कही, न कि पाबंदियों की।
क्यों उड़ी लॉकडाउन की अफवाह?
पुरानी यादें: 24 मार्च 2020 को पीएम मोदी ने कोरोना के चलते देशव्यापी लॉकडाउन लगाया था। संयोग से वर्तमान युद्ध संकट और एलपीजी की किल्लत के बीच उसी तारीख के आसपास पीएम का संबोधन हुआ, जिसे लोगों ने गलत संदर्भ में जोड़ लिया। पीएम द्वारा ‘कोरोना संकट की तरह तैयार रहने’ वाले वाक्य को सोशल मीडिया पर “लॉकडाउन के संकेत” के तौर पर प्रचारित किया जाने लगा। देश में छाई एलपीजी और पेट्रोल-डीजल की किल्लत ने आम जनता में इस डर को और हवा दे दी।
सच्चाई: कोई पाबंदी नहीं
सरकार और आधिकारिक सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि पूरे भाषण में प्रधानमंत्री ने ‘लॉकडाउन’ शब्द का इस्तेमाल कहीं नहीं किया। देश में किसी भी तरह की सार्वजनिक पाबंदी या आवाजाही पर रोक का कोई आदेश जारी नहीं हुआ है। भारत की रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और ईंधन की आपूर्ति सुचारू बनाए रखने के प्रयास जारी हैं।
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