इन्फोटेनमेन्ट

ऑस्कर 2026: प्रियंका चोपड़ा बनेंगी प्रेजेंटर; जानें ऑस्कर में अब तक का भारत का इतिहास और विजेताओं की पूरी लिस्ट

Lucknow Focus News Desk: दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित फिल्म पुरस्कार ‘ऑस्कर’ (98वें अकादमी पुरस्कार) का आयोजन 15 मार्च (भारतीय समयानुसार 16 मार्च सुबह) को लॉस एंजिल्स के डॉल्बी थिएटर में होने जा रहा है। इस साल भारत के लिए गर्व की बात यह है कि ग्लोबल आइकन प्रियंका चोपड़ा इस समारोह में बतौर प्रेजेंटर (अवॉर्ड देने वाली) शामिल होंगी। वे रॉबर्ट डाउनी जूनियर और ऐन हैथवे जैसे दिग्गज हॉलीवुड सितारों के साथ मंच साझा करेंगी।

ऑस्कर का इतिहास: एक संक्षिप्त परिचय

शुरुआत: अकादमी अवॉर्ड्स की स्थापना 1927 में हुई थी, जबकि पहला पुरस्कार समारोह 1929 में आयोजित किया गया था।

भारतीय फिल्में: पिछले 98 वर्षों में भारत की ओर से 50 से अधिक फिल्में भेजी गईं, लेकिन अब तक कोई भी भारतीय फिल्म ‘बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म’ का खिताब नहीं जीत सकी है।

नॉमिनेशन के करीब पहुँचने वाली प्रमुख फिल्में

मदर इंडिया (1957): ऑस्कर में भेजी जाने वाली पहली भारतीय फिल्म। यह फिल्म मात्र एक वोट से ‘नाइट्स ऑफ कैबिरिया’ से हार गई थी।

सलाम बॉम्बे (1989): फाइनल नॉमिनेशन तक पहुँची।

लगान (2001/2003): आशुतोष गोवारिकर की इस फिल्म ने दुनिया भर में सुर्खियां बटोरीं।

श्वास (2004): ऑस्कर की दौड़ में शामिल होने वाली प्रमुख मराठी फिल्म।

भारत के ऑस्कर विजेता: ‘द गोल्डन बॉय’ जीतने वाले सितारे

भारत के लिए अब तक 13 कलाकारों को नॉमिनेशन मिला है, जिनमें से 9 हस्तियों ने ऑस्कर ट्रॉफी अपने नाम की है।

भानु अथैया (1983): फिल्म ‘गांधी’ के लिए बेस्ट कॉस्ट्यूम डिजाइन (भारत का पहला ऑस्कर)।

सत्यजीत रे (1992): सिनेमा में उनके आजीवन योगदान के लिए ‘ऑनरेरी लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड’।

ए.आर. रहमान (2009): ‘स्लमडॉग मिलेनियर’ के लिए दो ऑस्कर (बेस्ट ओरिजिनल स्कोर और बेस्ट ओरिजिनल सॉन्ग)।

गुलज़ार (2009): ‘जय हो’ गीत के बोल के लिए बेस्ट ओरिजिनल सॉन्ग।

रेसुल पूकुट्टी (2009): ‘स्लमडॉग मिलेनियर’ के लिए बेस्ट साउंड मिक्सिंग।

एम.एम. कीरवानी और चंद्रबोस (2023): फिल्म ‘RRR’ के गाने ‘नाटू नाटू’ के लिए बेस्ट ओरिजिनल सॉन्ग।

कार्तिकी गोंजाल्विस और गुनीत मोंगा (2023): ‘द एलिफेंट व्हिस्परर्स’ के लिए बेस्ट डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट फिल्म।

Also Read: शिक्षा व्यापार नहीं, संस्कार का माध्यम है: एक्सपर्ट पब्लिक स्कूल के नन्हे कलाकारों ने नाटकों के जरिए दिया बड़ा संदेश

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button