छत्तीसगढ़: खल्लारी माता मंदिर में बड़ा हादसा, रोपवे का तार टूटने से ट्रॉली गिरी; रायपुर की युवती की मौत, 7 घायल

Lucknow Focus News Desk: छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले से एक हृदयविदारक खबर सामने आई है। प्रसिद्ध खल्लारी माता मंदिर में रविवार सुबह रोपवे का तार टूटने से एक बड़ा हादसा हो गया। इस दुर्घटना में ट्रॉली में सवार 8 लोग नीचे जा गिरे, जिनमें से एक 28 वर्षीय महिला श्रद्धालु की मौत हो गई है, जबकि सात अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
कैसे हुआ हादसा? सुबह 10 बजे टूटी ‘डोर’
प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, हादसा रविवार सुबह करीब 10:15 बजे हुआ। बागबाहरा क्षेत्र के खल्लारी गांव स्थित पहाड़ी पर मां खल्लारी का मंदिर है। नवरात्रि उत्सव के कारण वहां भारी भीड़ थी। आठ श्रद्धालु ट्रॉली में सवार होकर मंदिर के शिखर से नीचे आधार की ओर उतर रहे थे। तभी अचानक रोपवे का मुख्य तार टूट गया और अनियंत्रित होकर ट्रॉली नीचे गिर गई।
रायपुर की आयुषी की मौत, घायलों का उपचार जारी
हादसे में रायपुर निवासी 28 वर्षीय आयुषी सातकार की मौके पर ही मौत हो गई। अन्य सात घायलों को तत्काल स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि घायलों में से कुछ की स्थिति नाजुक बनी हुई है। हादसे के बाद मंदिर परिसर में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया और रोपवे सेवा को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है।
सीएम साय ने जताया दुख: “दोषी बख्शे नहीं जाएंगे”
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा “महासमुंद के खल्लारी माता मंदिर में हुई रोपवे दुर्घटना अत्यंत दुःखद है। एक श्रद्धालु के निधन के समाचार से मन व्यथित है। अधिकारियों को घायलों के बेहतर उपचार के निर्देश दे दिए गए हैं। इस घटना की विस्तृत जांच की जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।”
जांच के घेरे में रोपवे का रखरखाव
नवरात्रि जैसे बड़े पर्व पर हुए इस हादसे ने मंदिर प्रशासन और रोपवे का संचालन करने वाली कंपनी के रखरखाव (Maintenance) पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिला प्रशासन ने मामले की तकनीकी जांच शुरू कर दी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि तार टूटने की असली वजह क्या थी और क्या सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी।