उत्तर प्रदेशलखनऊ

अमौसी एयरपोर्ट पर टीबी के खिलाफ ‘महाअभियान’, 200 से अधिक कर्मियों की स्क्रीनिंग, एआई तकनीक से हो रही है जांच

Lucknow Focus News Desk: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (अमौसी) पर टीबी (क्षय रोग) के खिलाफ एक बड़ी मुहिम शुरू हुई है। ‘100 दिवसीय सघन क्षय रोग खोजी अभियान’ के तहत एयरपोर्ट पर चार दिवसीय विशेष स्वास्थ्य शिविर का आगाज किया गया। गुरुवार को शिविर के पहले दिन 200 से अधिक ग्राउंड स्टाफ और कर्मचारियों की स्क्रीनिंग की गई।

एयरपोर्ट पर पहली बार व्यापक स्क्रीनिंग

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक द्वारा शुरू किए गए इस अभियान के तहत अमौसी एयरपोर्ट पर संभवतः यह पहला इतना व्यापक स्क्रीनिंग कैंप है। इसमें न केवल कर्मियों की शारीरिक जांच की जा रही है, बल्कि उन्हें एआई (AI) आधारित एक्स-रे जैसी आधुनिक तकनीक के जरिए संदिग्ध टीबी की पहचान करने के गुर भी सिखाए जा रहे हैं।

“यात्रियों के संपर्क में रहने वाले स्टाफ की सुरक्षा जरूरी”

राज्य क्षय रोग अधिकारी डॉ. ऋषि कुमार सक्सेना ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि ग्राउंड स्टाफ प्रतिदिन हजारों अंतरराष्ट्रीय और घरेलू यात्रियों के संपर्क में आता है। ऐसे में कर्मियों का खुद सुरक्षित रहना और लक्षणों वाले यात्रियों की पहचान करना ‘टीबी मुक्त भारत’ के लक्ष्य के लिए अनिवार्य है। उन्होंने जोर दिया कि समय पर पहचान और पूरा इलाज ही इस बीमारी का एकमात्र समाधान है।

हाई-रिस्क क्षेत्रों पर विशेष फोकस

जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अतुल कुमार सिंघल ने बताया कि यह अभियान बस स्टॉप, रेलवे स्टेशन और हवाई अड्डों जैसे उच्च-आवागमन वाले स्थलों पर केंद्रित है। शिविर में कर्मियों को निक्षय पोषण योजना (इलाज के दौरान पोषण हेतु वित्तीय सहायता) और निक्षय मित्र योजना के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई।

इस अवसर पर क्षेत्रीय निदेशक डॉ. निश्चय केसरी, डॉ. जय यादव (APHO), और एयरपोर्ट इंफ्रा लीड शशि कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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