उत्तर प्रदेश

बसपा का बड़ा ऐलान: यूपी चुनाव अकेले लड़ेगी पार्टी, मायावती बोलीं- कांग्रेस सबसे ज्यादा दलित विरोधी

Lucknow Focus News Desk: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव समेत देश भर के सभी छोटे-बड़े चुनाव अकेले लड़ने की आधिकारिक घोषणा की है। लखनऊ में आयोजित पार्टी के ऑल इंडिया पदाधिकारियों की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि बसपा किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी।

अपने संबोधन के दौरान मायावती ने कांग्रेस और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर तीखे राजनीतिक हमले किए, साथ ही पार्टी के आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की।

गठबंधन की संभावना खारिज: मायावती ने कांग्रेस के साथ किसी भी चुनावी साठगांठ की खबरों को खारिज करते हुए कहा कि कांग्रेस हर मामले में “जबरदस्त दलित व आंबेडकर विरोधी” पार्टी है, जिसका इतिहास सबके सामने है।

संघ प्रमुख मोहन भागवत के अमेरिका दौरे पर दिए बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि बहुजन समाज, महिलाओं और अल्पसंख्यकों के अधिकारों को लेकर आरएसएस की कथनी और करनी में जमीन-आसमान का अंतर है। उन्होंने संघ को डॉ. आंबेडकर के संविधान पर ईमानदारी से अमल करने की सलाह दी।

बसपा प्रमुख ने देश में जेन-जी (Gen-Z) और जेन-अल्फा की समस्याओं, बढ़ती महंगाई, प्राकृतिक आपदाओं और वैश्विक युद्धों के बीच भारत की सुरक्षा रणनीति को मजबूत करने की जरूरत बताई। मायावती ने पदाधिकारियों को अपने जन्मदिन (15 जनवरी) पर हर साल की तरह स्वेच्छा से पार्टी को आर्थिक सहयोग देने का निर्देश दिया, जिस पर सभी ने सहमति जताई।

9 अक्तूबर को मान्यवर कांशीराम की पुण्यतिथि के अवसर पर यूपी में प्रदेश स्तर पर और अन्य राज्यों में जोन स्तर पर खुली संगोष्ठी आयोजित की जाएगी। इसके अलावा दिल्ली स्थित ‘बहुजन समाज प्रेरणा स्थल’ पर श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी।

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