मार्केट क्लोजिंग रिपोर्ट: पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 443 अंक टूटा, निफ्टी 24,300 के नीचे बंद

Lucknow Focus News Desk: पश्चिम एशिया (Middle East) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच सैन्य टकराव की आशंकाओं का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिला है। सोमवार कोMargin संबंधी चिंताओं और वैश्विक बिकवाली के बीच घरेलू बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी भारी गिरावट के साथ लाल निशान पर बंद हुए। बाजार को सबसे बड़ा झटका बैंकिंग क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों एचडीएफसी बैंक और एक्सिस बैंक में हुई भारी बिकवाली से लगा।
बाजार का अंतिम लेखा-जोखा (Market Summary)
| इंडेक्स (Index) | बंद स्तर (Closing Level) | गिरावट (अंक) | गिरावट (प्रतिशत) | दिन का निचला स्तर (Intraday Low) |
| BSE सेंसेक्स | 77,708.52 | -442.93 | 0.57% | 77,368.29 (-783.16 अंक) |
| NSE निफ्टी | 24,238.50 | -95.80 | 0.39% | — |
क्रॉस रेफरेंस: इससे पूर्व, पिछले कारोबारी सत्र (शुक्रवार) को सेंसेक्स 964.58 अंक चढ़कर 78,151.45 और निफ्टी 261.55 अंक बढ़कर 24,334.30 पर बंद हुआ था।
शेयरों का प्रदर्शन: टॉप लूजर्स और गेनर्स
ब्लू-चिप कंपनियों में भारी गिरावट (Top Losers)
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एक्सिस बैंक (Axis Bank): तिमाही नतीजों के बाद सप्ताहांत के दबाव में इसके शेयरों में सर्वाधिक 5.48 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
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एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank): शुद्ध ब्याज मार्जिन (NIM) उम्मीद से कम रहने के कारण शेयर 5.12 प्रतिशत तक टूट गया।
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अन्य पिछड़ने वाले शेयर: मारुति, कोटक महिंद्रा बैंक, इंफोसिस, टीसीएस (TCS), महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL)।
बढ़त बनाने वाले शेयर (Top Gainers)
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बाजार की इस गिरावट के बावजूद ट्रेंट (Trent), पावर ग्रिड, एनटीपीसी (NTPC) और भारती एयरटेल के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली।
क्या है बाजार विशेषज्ञों की राय?
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पोनमुडी आर (सीईओ, एनरिच मनी) ने कहा कि “पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक स्तर पर तकनीकी (Tech) शेयरों में आई गिरावट के चलते निवेशक सतर्क मोड में हैं। एचडीएफसी बैंक के कमजोर शुद्ध ब्याज मार्जिन ने निवेशकों को निराश किया, जिससे बैंकिंग क्षेत्र सहित व्यापक बेंचमार्क पर अतिरिक्त दबाव बना और बाजार का नुकसान बढ़ गया।”
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विनोद नायर (अनुसंधान प्रमुख, जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड) ने कहा कि “जून में अमेरिका और ईरान के बीच हुआ युद्धविराम टूटने से कच्चे तेल की कीमतें $90 प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ा है। अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की संभावना और अमेरिकी नागरिकों के लिए जारी वैश्विक यात्रा एडवाइजरी के कारण निकट भविष्य में भी यह भू-राजनीतिक तनाव और बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की आशंका है।”
वैश्विक बाजारों और कच्चे तेल का रुख
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अंतरराष्ट्रीय तेल मानक: कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमत शुरुआती कारोबार में 90 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल के उच्च स्तर को छूने के बाद मामूली गिरावट (0.05%) के साथ 88.06 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रही थी।
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एशियाई बाजार: दक्षिण कोरिया का सूचकांक कोस्पी (KOSPI) 4.46 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ बंद हुआ। हालांकि, शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग बढ़त के साथ बंद हुए। (नोट: जापान के बाजार अवकाश के कारण बंद थे)।
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विदेशी संस्थागत निवेशक (FII): एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भारतीय बाजार से ₹376.41 करोड़ मूल्य के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की थी।




