लखनऊ

मौलाना आज़ाद स्त्री शिक्षा और सशक्तीकरण के प्रबल समर्थक थे: प्रो. शशिकांत पाण्डेय

करामत कॉलेज में राष्ट्रीय शिक्षा दिवस पर आयोजित हुई संगोष्ठी

Lucknow Focus News Desk: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के अवसर पर करामत हुसैन मुस्लिम गर्ल्स पी.जी. कॉलेज, लखनऊ के शिक्षा विभाग और मौलाना आज़ाद मेमोरियल अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में कॉलेज सभागार में एक भव्य संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी का मुख्य विषय ‘मौलाना आज़ाद की शैक्षिक दृष्टि और विकसित भारत 2047 : महिला सशक्तीकरण की भूमिका’ था। कार्यक्रम में शिक्षाविदों और वक्ताओं ने देश के पहले शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आज़ाद के विजन और महिला शिक्षा पर उनके क्रांतिकारी विचारों पर विस्तार से चर्चा की।

कार्यक्रम के मुख्य बिंदु और विचार

प्रो. शशिकांत पाण्डेय (मुख्य अतिथि): बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (BBAU) के अंबेडकर स्टडी सेंटर के निदेशक प्रो. शशिकांत पाण्डेय ने कहा कि मौलाना आज़ाद स्त्री शिक्षा और सशक्तीकरण के प्रबल समर्थक थे। वे महिला शिक्षा की उन्नति को समाज के समग्र विकास से जोड़कर देखते थे। उन्होंने कहा कि आज जब हम ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं, तब महिलाओं की शैक्षिक और सामाजिक भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण हो जाती है। शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री पाना नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और सह-अस्तित्व की भावना विकसित करना है।

डॉ. अब्दुल क़ुद्दूस हाशमी (विशिष्ट अतिथि): मौलाना आज़ाद मेमोरियल अकादमी के महासचिव डॉ. हाशमी ने कहा कि महिलाओं का शिक्षित, जागरूक और आत्मनिर्भर होना राष्ट्र निर्माण के लिए अनिवार्य है। एक शिक्षित महिला न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरी पीढ़ी को जागरूक बनाती है।

प्रो. हुमा ख़्वाजा (अध्यक्षीय उद्बोधन): कॉलेज की प्राचार्या प्रो. हुमा ख़्वाजा ने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा, “ज़माना उन्हें ही हरा सकता है, जिन्होंने आगे बढ़ने का इरादा छोड़ दिया हो।” उन्होंने मौलाना आज़ाद के साथ-साथ कॉलेज के संस्थापक जस्टिस करामत हुसैन के ऐतिहासिक और प्रेरणादायक प्रयासों को भी याद किया।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और प्रतियोगिताओं का आयोजन

कार्यक्रम की शुरुआत दुआ और स्वागत गान से हुई। इस दौरान मौलाना अबुल कलाम आज़ाद के जीवन और कृतित्व पर आधारित एक विशेष फोटो प्रदर्शनी भी लगाई गई। छात्राओं के लिए निबंध लेखन, पोस्टर निर्माण और नारा लेखन प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

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