‘संवैधानिक युवा मेला’: नाटक ‘जनता की आवाज़’ ने दिया लोकतंत्र की मजबूती का संदेश

Lucknow Focus News Desk: मदर सेवा संस्थान के 21वें और चबूतरा थिएटर पाठशाला के 12वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में कोटवा (वार्ड संख्या 10) में ‘संवैधानिक युवा मेला’ का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कला, संगीत और रंगमंच के माध्यम से युवाओं को संवैधानिक मूल्यों और लोकतंत्र की शक्ति के प्रति जागरूक किया गया।

प्रमुख अतिथियों द्वारा शुभारंभ
कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन मुख्य अतिथियों द्वारा किया गया, जिनमें शामिल थे।
सांत्वना तिवारी (संयुक्त निदेशक, शिक्षा विभाग)
मिथिलेश लखनवी (प्रसिद्ध ग़ज़ल गायक)
प्रदीप एन. बालिया (सेवानिवृत्त अधिकारी, गृह मंत्रालय)
गणेश रावत (चेयरमैन, बीकेटी)
शरद पटेल (बदलाव फाउंडेशन)
नाटक “जनता की आवाज़” का मंचन
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण मोहम्मद अमन द्वारा लिखित और श्रीकांत गौतम व अमन द्वारा निर्देशित नाटक “जनता की आवाज़” रहा। 20 युवा कलाकारों के शानदार अभिनय वाले इस नाटक ने सत्ता के अहंकार और जनता की शक्ति के बीच के संघर्ष को जीवंत कर दिया।
नाटक की कहानी ‘लवकुश’ नामक एक घमंडी नेता के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने चेले ‘कृष्णा’ और स्वार्थी समर्थकों के साथ मिलकर जनता का शोषण करता है। सूत्रधार रुचि ने दर्शकों को लोकतंत्र का अर्थ समझाया। गाँव का जागरूक युवा राजवीर अपने मित्रों—प्राची, रुचि, अंजली और अनुराग—के साथ भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाता है। जिला अधिकारी वैष्णवी और गार्ड अंकित कानून के संतुलन को दर्शाते हैं। अंत में अनुराग, आभाष, अभय, अनुष्का, राशि और मिस्टी जैसे युवाओं की एकजुटता से सत्ता का घमंड टूटता है और राजवीर को नया प्रधान चुना जाता है।
सांस्कृतिक और संगीतमय प्रस्तुतियां
नाटक के उपरांत युवाओं ने प्रेरणादायक गीतों की झड़ी लगा दी।
सामूहिक गीत: “तू ज़िंदा है…”, “वो सुबह कभी तो आएगी”, “रुके ना जो झुके ना जो”, और “जोगीरा सारारा” जैसे गीतों ने जोश भर दिया।
गायक दक्ष: इन्होंने “सलोना सा सजन है…”, “ज़िन्दगी मौत ना बन जाये…” और “रिमझिम गिरे सावन” से समां बांधा।
अजय जायो आर्टिस्ट: इन्होंने “ए अजनबी तू कभी आवाज़ दे…” गीत प्रस्तुत किया।
एकल नाटक: मोहम्मद अमन ने अपनी माँ की याद में तड़पते एक बच्चे की मार्मिक कहानी पेश की।
मिथिलेश लखनवी: इन्होंने किशोर कुमार के सदाबहार गीतों को गुनगुनाकर दर्शकों का मनोरंजन किया।
संविधान प्रश्नोत्तरी और सम्मान
रंगकर्मी श्रीकांत गौतम ने युवाओं के लिए संविधान पर आधारित एक रोचक प्रश्नोत्तरी (Quiz) आयोजित की। सही उत्तर देने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। साथ ही, सभी कलाकारों और प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र, मोमेंटो और पुस्तकें भेंट की गईं।
कार्यक्रम में फ़िल्म अभिनेता विवेक प्रभाकर, रंगकर्मी मोनिका अग्रवाल और बदलाव फाउंडेशन से प्रियंक सहित 300 से अधिक दर्शक और युवा उपस्थित रहे। कार्यक्रम में 50 युवाओं ने सीधे तौर पर भागीदारी की। पूरे आयोजन का सफल संचालन संस्थान के सचिव महेश चंद्र देवा ने किया।




