पहलगाम हमले की बरसी: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के शूरवीरों को नमन, भारतीय सेना ने फिर दिखाई अपनी क्षमता

Lucknow Focus News Desk: जम्मू-कश्मीर के मशहूर पर्यटन स्थल पहलगाम में हुए कायरतापूर्ण आतंकी हमले की पहली बरसी पर भारतीय सेना ने अपनी अदम्य शक्ति का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता को याद करते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि भारत की संप्रभुता को चुनौती देने वालों का अंजाम ‘न्याय’ ही होगा।
हथियारों का दम: L70 तोपों और ड्रोन्स ने दिखाया जलवा
वायु रक्षा रेजिमेंट (Air Defence Regiment) ने इस दौरान L70 वायु रक्षा तोपों का प्रदर्शन किया। यह तोपें सतर्कता और अचूक निशाने का प्रतीक मानी जाती हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इन तोपों ने दुश्मन के ड्रोन हमलों को नाकाम करने में अहम भूमिका निभाई थी। सेना ने उन्नत ड्रोन्स के माध्यम से निगरानी और रियल-टाइम खुफिया जानकारी जुटाने की अपनी तकनीकी श्रेष्ठता का प्रदर्शन किया।
जल और थल पर ‘क्रीक’ क्षेत्र में दबदबा
अभ्यास के दौरान सेना के विशेष युद्ध समूहों (Special Warfare Groups) ने फुर्तीली हमलावर नौकाओं के जरिए उथले पानी में युद्ध कौशल का प्रदर्शन किया। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इन बहुमुखी पोतों ने दुश्मन की हर चाल को विफल कर जल-क्षेत्र पर भारत का प्रभुत्व स्थापित किया था।
पीएम मोदी की श्रद्धांजलि: “भारत कभी नहीं झुकेगा”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हमले में शहीद हुए 26 नागरिकों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने ‘X’ पर पोस्ट कर कहा जान गंवाने वालों को कभी भुलाया नहीं जाएगा। एक राष्ट्र के रूप में हम शोक और दृढ़ संकल्प में एकजुट हैं। भारत आतंकवाद के आगे कभी नहीं झुकेगा और आतंकवादियों के जघन्य मंसूबे कभी सफल नहीं होंगे।
भारतीय सेना के एडीजी पीआई (ADG PI) ने भी हुंकार भरते हुए लिखा, “भारत के विरुद्ध कृत्यों का जवाब निश्चित है। न्याय मिलेगा। हमेशा।”
क्या था ‘ऑपरेशन सिंदूर’?
पहलगाम में हुए हमले के जवाब में भारत ने 7 मई, 2025 को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था।
लक्ष्य: पाकिस्तान और पीओजेके (PoJK) में स्थित लश्कर, जैश और हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी लॉन्चपैड्स।
सटीक प्रहार: भारतीय सेना ने लाहौर और गुजरांवाला के पास दुश्मन के रडार प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया था।
परिणाम: भारी सैन्य तनाव के बाद 10 मई को दोनों देशों के डीजीएमओ (DGMO) की बातचीत के बाद युद्धविराम हुआ था।