नोएल टाटा के विरोध के बावजूद एन चंद्रशेखरन बने रहेंगे टाटा संस के चेयरमैन, बोर्ड ने दी 5 साल के नए कार्यकाल को मंजूरी

Lucknow Focus News Desk: भारतीय कॉरपोरेट जगत के सबसे बड़े होल्डिंग समूह ‘टाटा संस’ के बोर्ड ने गुरुवार को एन चंद्रशेखरन को अगले पांच वर्षों के लिए फिर से चेयरमैन नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह फैसला रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) द्वारा एनबीएफसी रजिस्ट्रेशन सरेंडर करने के आवेदन को खारिज किए जाने और कंपनी को तुरंत शेयर बाजार में लिस्ट कराने के सख्त निर्देश के बाद आया है।
बोर्ड बैठक के मुख्य निर्णय
चंद्रशेखरन का कार्यकाल विस्तार: चंद्रशेखरन को अगले 5 वर्षों के लिए चेयरमैन बनाए रखने का प्रस्ताव पास किया गया। अगस्त 2026 में उनके पद छोड़ने के निर्णय के बाद बोर्ड ने उनसे पुनर्विचार का आग्रह किया था।
कंपनी की लिस्टिंग पर सहमति: आरबीआई के नियमों के तहत टाटा संस को शेयर बाजार में सार्वजनिक (Go Public) करने का फैसला लिया गया। दोनों निर्णयों पर वार्षिक आम बैठक (AGM) में अंतिम मुहर लगेगी।
लिस्टिंग और नेतृत्व को लेकर शेयरधारकों में मतभेद
तीन घंटे चली इस बैठक में 66% हिस्सेदारी रखने वाले ‘टाटा ट्रस्ट्स’ के चेयरमैन नोएल टाटा ने चंद्रशेखरन के विस्तार और आईपीओ (IPO) का विरोध किया। हालांकि, बोर्ड में मतदान के दौरान वे अल्पमत में रह गए। दूसरी ओर, 18.4% हिस्सेदारी रखने वाले शापूरजी पालोनजी (SP) ग्रुप ने अपनी संपत्ति का सही मूल्य अनलॉक करने के लिए लिस्टिंग का समर्थन किया।
आरबीआई की बाध्यता
सितंबर 2022 में आरबीआई ने टाटा संस को ‘अपर-लेयर’ एनबीएफसी घोषित कर 3 साल के भीतर (सितंबर 2025/2026 तक) लिस्टिंग अनिवार्य की थी। कंपनी ने ₹21,000 करोड़ का कर्ज चुकाकर लिस्टिंग से बचने का प्रयास किया था, लेकिन 11 सितंबर 2026 को आरबीआई द्वारा आवेदन खारिज किए जाने के बाद अब बोर्ड को लिस्टिंग की दिशा में कदम बढ़ाना पड़ा है।




