राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस: डॉ. हाशमी बोले- तिरंगा हमारी आज़ादी, एकता और राष्ट्रीय अस्मिता का प्रतीक

Lucknow Focus News Desk: मौलाना आज़ाद मेमोरियल अकादमी, लखनऊ द्वारा आज ग्रामीण बच्चों के साथ एक गरिमामयी समारोह आयोजित कर ‘राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस’ (National Flag Adoption Day) मनाया गया। यह कार्यक्रम 22 जुलाई 1947 को भारत की संविधान सभा द्वारा तिरंगे को आधिकारिक रूप से राष्ट्रीय ध्वज के रूप में अंगीकृत (Adopt) किए जाने की ऐतिहासिक स्मृति में आयोजित किया गया था। इस अवसर पर बच्चों को राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देने के साथ-साथ तिरंगा भी भेंट किया गया।
तिरंगे का गौरवशाली इतिहास और साझा राष्ट्रनिर्माण
अकादमी के महासचिव डॉ. अब्दुल कुद्दूस हाशमी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भारतीय तिरंगे के निर्माण से जुड़े ऐतिहासिक तथ्यों और उसकी रूपरेखा पर प्रकाश डाला।
भारतीय राष्ट्रीय ध्वज की प्रारंभिक और मूल रूपरेखा प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी पिंगली वेंकैया द्वारा तैयार की गई थी। स्वतंत्र भारत के लिए बीच में ‘अशोक चक्र’ समाहित करने सहित राष्ट्रीय ध्वज के अंतिम और आधुनिक स्वरूप को अंतिम रूप देने में प्रख्यात बुद्धिजीवी महिला सुरैया तैयबजी का महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है।
डॉ. हाशमी ने रेखांकित किया कि तिरंगे का वर्तमान स्वरूप भारत की साझा सांस्कृतिक विरासत (गंगा-जमुनी संस्कृति) तथा राष्ट्रनिर्माण में सभी समुदायों की समान भागीदारी का एक जीवंत व प्रेरक उदाहरण है।
राष्ट्रीय ध्वज और नागरिक कर्तव्य
डॉ. अब्दुल कुद्दूस हाशमी ने राष्ट्रीय ध्वज के महत्व को समझाते हुए देश के नागरिकों के लिए निम्नलिखित मुख्य बातें साझा कीं। विश्व के किसी भी स्वतंत्र राष्ट्र का ध्वज उसकी संप्रभुता, अखंडता, सम्मान और राष्ट्रीय अस्मिता का सबसे बड़ा प्रतीक होता है। हमारा तिरंगा केवल एक कपड़ा नहीं, बल्कि भारत की स्वतंत्रता, अटूट एकता, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्र के लिए प्राण न्यौछावर करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों के अप्रतिम त्याग एवं सर्वोच्च बलिदान का प्रतीक है।
प्रत्येक भारतीय नागरिक का यह परम कर्तव्य है कि वह राष्ट्रीय ध्वज का सर्वोच्च सम्मान करे और उसके आदर्शों को अपने दैनिक जीवन में अपनाकर देश की एकता व अखंडता को सुदृढ़ बनाने में अपना योगदान दे।
देशभक्ति के गीतों के साथ भव्य समापन
ग्रामीण बच्चों के बीच राष्ट्रप्रेम की भावना को जागृत करने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम का समापन बेहद उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी बच्चों और प्रबुद्ध जनों ने प्रसिद्ध झंडा गीत ’विजयी विश्व तिरंगा प्यारा, झंडा ऊंचा रहे हमारा’ का पूरे जोश के साथ सामूहिक गान किया। समारोह का औपचारिक समापन देश के गौरव ‘राष्ट्रगान’ के सामूहिक गायन और भारत माता के जयकारों के साथ संपन्न हुआ।




