टैगोर जयंती विशेष: लखनऊ में गूंजी गुरुदेव की रचनाएं, ‘रवीन्द्र उपवन’ में ‘सेरा बांगाली’ सम्मान से नवाजी गईं विभूतियां

Lucknow Focus News Desk: राजधानी लखनऊ में लखनऊ बंगीय नागरिक समाज द्वारा विश्वकवि गुरुदेव रवीन्द्रनाथ ठाकुर (टैगोर) की 165वीं पावन जयंती का भव्य आयोजन किया गया। हजरतगंज स्थित डीएम आवास के सामने नवनिर्मित ‘रवीन्द्र उपवन’ में आयोजित यह कार्यक्रम दोपहर 12 बजे से रात 8 बजे तक कला, साहित्य और देशभक्ति के रंगों से सराबोर रहा।

माल्यार्पण और पौधारोपण: प्रकृति और संस्कृति का मिलन
कार्यक्रम की शुरुआत दोपहर 12 बजे गुरुदेव की विशाल प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुई।
प्रमुख उपस्थिति: समाज के संरक्षक एवं प्रख्यात समाजसेवी सुधीर हलवासिया ने गुरुदेव को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
पौधारोपण: राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत के रचयिताओं के सम्मान में गुरुदेव टैगोर और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के नाम पर एक-एक पौधा रोपित किया गया।
मिष्ठान वितरण: “वंदे मातरम्” के सामूहिक पाठ के बाद उपस्थित लोगों के बीच मिठाइयों का वितरण किया गया।
काव्य पाठ और बौद्धिक विमर्श
दोपहर 3 बजे से आयोजित सत्र में गुरुदेव के जीवन दर्शन और उनके साहित्य पर गहन चर्चा हुई। रत्ना बापुली, डॉ. माधवी मिश्रा, प्रवीण कुमार शुक्ल (गोबर गणेश), और डॉ. शरद पांडेय सहित कई विद्वानों ने अपने विचार व्यक्त किए। मिट्ठू रॉय, डॉ. उत्तम मुखर्जी और सोनाली मित्रा गोस्वामी ने गुरुदेव की रचनाओं का भावपूर्ण ‘रवीन्द्र आवृत्ति’ पाठ कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
‘सेरा बांगाली’ और वरिष्ठ नागरिक सम्मान
शाम 6 बजे समाज के प्रति उत्कृष्ट योगदान देने वाले परिवारों को “सेरा बांगाली (अमूल्य बांगाली) सम्मान” से सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में बादल चटर्जी, नितिन डे, अशोक डे, पंकज बोस और डॉ. यू.के. मुखर्जी सहित 10 प्रमुख नाम शामिल थे। इसके अतिरिक्त, कृष्णानंद श्री और डी.के. पाल सहित 5 विभूतियों को वरिष्ठ नागरिक सम्मान प्रदान किया गया।
भव्य दीपदान और प्रमुख मांगें
शाम 7 बजे दीपदान कार्यक्रम के साथ उत्सव अपने चरमोत्कर्ष पर पहुंचा। सुधीर हलवासिया, रोहित अग्रवाल, डॉ. जे.बी. घोष और रूपेश मंडल सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने दीप प्रज्वलित कर गुरुदेव को आदरांजलि दी।
प्रशासन से विशेष निवेदन
मुख्य संयोजक पी.के. दत्ता ने उत्तर प्रदेश सरकार और मेयर सुषमा खरकवार से दो प्रमुख लंबित मांगें दोहराईं।
हनुमान सेतु से डालीगंज जाने वाले मार्ग का नाम ‘वंदे मातरम् मार्ग’ रखा जाए और वहां बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की मूर्ति स्थापित हो।
फैजुल्ला गंज वार्ड नंबर 1 के एक मार्ग का नाम ‘आजाद हिंद फौज़’ के नाम पर किया जाए।
समारोह का समापन सामूहिक राष्ट्रगान (जन गण मन) के साथ हुआ।




