शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला जारी: सेंसेक्स 593 अंक टूटा, निफ्टी भी 201 अंक लुढ़का

Lucknow Focus News Desk: सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार ने कमजोरी के साथ शुरुआत की और गिरावट का यह सिलसिला दिन भर जारी रहा। गुरुवार की बिकवाली के बाद शुक्रवार को भी बाजार में दबाव दिखा और शुरुआती कारोबार के कुछ ही देर में सेंसेक्स 288 अंकों की गिरावट के साथ 81,895 तक फिसल गया। इसी दौरान निफ्टी भी 110 अंक गिरकर 24,952 के स्तर पर पहुंच गया।
दिन चढ़ते-चढ़ते गिरावट और तेज हो गई और दोपहर तक सेंसेक्स 593 अंक टूटकर 81,590 पर कारोबार करता नजर आया। वहीं, निफ्टी 201 अंकों की गिरावट के साथ 24,860 तक लुढ़क गया।
बजाज फाइनेंस और फिनसर्व बने सबसे बड़े लूज़र
आज के कारोबार में बजाज ग्रुप के शेयरों पर खासा दबाव देखने को मिला।
बजाज फाइनेंस के शेयरों में 5% से ज्यादा की गिरावट आई।
वहीं बजाज फिनसर्व के स्टॉक्स 4.31% गिरकर बंद हुए।
इन दोनों शेयरों ने सेंसेक्स को सबसे ज्यादा नीचे खींचा।
ग्लोबल संकेत भी कमजोर, एशियाई बाजारों में भी गिरावट
शुक्रवार की शुरुआत से पहले ही संकेत कमजोर थे।
सुबह 8:40 बजे, गिफ्ट निफ्टी फ्यूचर्स में भी 131 अंकों की गिरावट दर्ज की गई और यह 24,964 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था, जिससे यह साफ था कि भारतीय बाजारों की ओपनिंग कमजोर होगी।
एशियाई बाजारों की बात करें तो, जापान का निक्केई 225 0.55% और टॉपिक्स इंडेक्स 0.73% टूटा। ऑस्ट्रेलिया का ASX 200 0.51% की गिरावट के साथ बंद हुआ। दक्षिण कोरिया का कोस्पी हालांकि स्थिर रहा और किसी बड़ी हलचल से बचा रहा।
अमेरिकी बाजार में मिला-जुला प्रदर्शन
दूसरी ओर, अमेरिकी बाजारों से मिले संकेत थोड़े राहत देने वाले जरूर रहे। S&P 500 में 0.07% की हल्की बढ़त दर्ज की गई और यह 6,363.35 पर बंद हुआ। NASDAQ कंपोजिट भी 0.18% उछलकर 21,057.96 पर पहुंच गया और नए ऑल टाइम हाई पर बंद हुआ। हालांकि, डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में 316.38 अंकों (0.7%) की गिरावट आई और यह 44,693.91 पर बंद हुआ।
निवेशकों को अब क्या करना चाहिए?
लगातार दो दिनों की गिरावट के चलते निवेशकों में चिंता बढ़ी है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल घरेलू स्तर पर मुनाफावसूली का दौर जारी है और साथ ही ग्लोबल मार्केट्स से कमजोर संकेतों का भी असर देखने को मिल रहा है। शॉर्ट टर्म निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है, जबकि लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए ये गिरावट अवसर बन सकती है।
Also Read: ITR फाइल करने की डेडलाइन बढ़ी, लेकिन 15 सितंबर के बाद चूक पड़ेगी भारी




