‘वंदे मातरम्’ पर PM मोदी का कांग्रेस पर हमला, बोले- बापू की भावनाओं पर कौन-सी ताकत पड़ी भारी?

Lucknow Focus News Desk: राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर लोकसभा में सोमवार को शुरू हुई विशेष चर्चा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष, खासकर कांग्रेस को तीखे शब्दों में घेरा। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन के संदर्भों का उल्लेख करते हुए राष्ट्रीय गीत के साथ हुए ‘अन्याय’ पर सवाल उठाए।
महात्मा गांधी का उदाहरण PM का सवाल
प्रधानमंत्री मोदी ने महात्मा गांधी के 2 दिसंबर 1905 के एक लेख का हवाला दिया, जिसमें गांधी ने ‘वंदे मातरम्’ को राष्ट्र गान के रूप में वर्णित किया था। “जिस गीत वंदे मातरम् को बंकिम चंद्र ने रचा है, वह पूरे बंगाल में लोकप्रिय हो गया है… यह गीत इतना लोकप्रिय हो गया है, जैसा यह हमारा राष्ट्र गान बन गया हो। इसकी भावनाएं महान हैं और यह अन्य राष्ट्रों के गीतों से अधिक मधुर है। इसका एकमात्र उद्देश्य हम में देशभक्ति की भावना जगाना है।”
इस उद्धरण का जिक्र करने के बाद पीएम मोदी ने कांग्रेस और तत्कालीन नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए कहा “1905 में जो ‘वंदे मातरम्’ महात्मा गांधी को राष्ट्र गान के रूप में दिखता था, पिछली सदी में उसके साथ इतना बड़ा अन्याय क्यों हुआ?” “‘वंदे मातरम्’ के साथ विश्वासघात क्यों हुआ? वो कौन-सी ताकत थी, जिसकी इच्छा खुद पूज्य बापू की भावनाओं पर भी भारी पड़ गई? जिसने ‘वंदे मातरम्’ जैसी पवित्र भावना को भी विवादों में घसीटा गया।”
पीएम मोदी ने अपनी बात पर ज़ोर देते हुए मोहम्मद अली जिन्ना के नेतृत्व वाली मुस्लिम लीग के विरोध और तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष जवाहरलाल नेहरू की भूमिका पर भी सवाल उठाए।