UN में भारत का पाकिस्तान पर बड़ा हमला: ‘दुष्ट राज्य’ करार, पहलगाम हमले को बताया 26/11 के बाद सबसे बड़ा आतंकी हमला

संयुक्त राष्ट्र (UN) में भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान की आतंकवाद को शह देने वाली नीतियों की कड़ी आलोचना की है। भारत की संयुक्त राष्ट्र में उप-स्थायी प्रतिनिधि योजना पटेल ने पाकिस्तान को स्पष्ट शब्दों में ‘दुष्ट राज्य’ (Rogue State) करार दिया है और कहा है कि अब विश्व समुदाय को पाकिस्तान की असलियत के बारे में आंखें खोलनी होंगी।
पाकिस्तान के आतंकी संगठनों को समर्थन पर UN में भारत का कड़ा रुख
संयुक्त राष्ट्र के एक सत्र के दौरान, योजना पटेल ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पाकिस्तान ने फिर एक बार इस वैश्विक मंच का दुरुपयोग कर भारत के खिलाफ दुष्प्रचार फैलाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ स्वयं यह कबूल कर चुके हैं कि उनका देश दशकों से आतंकवादी संगठनों को प्रशिक्षण, फंडिंग और समर्थन देता आया है।
इस बयान को आधार बनाते हुए उन्होंने पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद का प्रायोजक बताया और कहा कि अब दुनिया को पाकिस्तान की सच्चाई को स्वीकार करना होगा।
भारत की ओर से संयुक्त राष्ट्र में यह भी कहा गया कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हालिया आतंकी हमला 2008 के मुंबई हमले (26/11) के बाद भारत पर हुआ सबसे घातक हमला है। इस हमले में बड़ी संख्या में आम नागरिकों की जान गई, जो दशकों से सीमा पार आतंकवाद का शिकार हो रहे भारत की पीड़ा को दर्शाता है।
भारत ने कहा कि वह इस मुश्किल घड़ी में दुनियाभर के नेताओं और सरकारों द्वारा जताई गई एकजुटता और समर्थन के लिए आभारी है। यह आतंकवाद के प्रति अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ‘जीरो टॉलरेंस नीति’ का प्रतीक है।
VoTAN की पहल: आतंकवाद के पीड़ितों के लिए सुरक्षित स्थान
भारत ने ‘Victims of Terrorism Advocacy Network’ (VoTAN) की स्थापना को एक महत्वपूर्ण पहल बताया। यह मंच आतंकवाद के पीड़ितों को अपनी बात रखने और मनोवैज्ञानिक-सामाजिक समर्थन देने का काम करेगा। भारत का मानना है कि वैश्विक स्तर पर आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को मजबूती देने के लिए ऐसे मंचों का निर्माण और सशक्तिकरण जरूरी है।
पाकिस्तान का कबूलनामा: “हमने तीन दशकों तक गंदा काम किया”
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ का एक इंटरव्यू अब सुर्खियों में है, जिसमें उन्होंने स्काई न्यूज की यल्दा हकीम से बातचीत करते हुए माना कि पाकिस्तान ने तीन दशकों तक अमेरिका और पश्चिमी देशों के लिए ‘गंदा काम’ किया। उन्होंने कहा अगर हमने सोवियत संघ और फिर 9/11 के बाद के युद्ध में भाग नहीं लिया होता, तो पाकिस्तान का इतिहास कहीं ज्यादा साफ होता। उनकी इस खुली स्वीकारोक्ति ने एक बार फिर पाकिस्तान के आतंकवाद समर्थक रवैये को उजागर कर दिया है।
भारत ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के खिलाफ सख्त रुख अपनाकर एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि आतंकवाद के खिलाफ कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। पहलगाम हमला और पाकिस्तान के रक्षा मंत्री की स्वीकारोक्ति इस बात का प्रमाण है कि आतंकवाद से निपटने के लिए वैश्विक एकजुटता और पाकिस्तान जैसे राज्यों पर कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता है।