रिलायंस का एशियन पेंट्स से 17 साल पुराना रिश्ता खत्म, 11 हजार करोड़ की हिस्सेदारी बेचने की तैयारी

Lucknow Focus News Desk: एशिया के सबसे अमीर उद्योगपति मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) अब एशियन पेंट्स से अपने निवेश को पूरी तरह खत्म करने जा रही है। करीब 17 साल पुराने इस निवेश से रिलायंस को लगभग 11 हजार करोड़ रुपये (1.3 बिलियन डॉलर) की राशि प्राप्त होने की संभावना है। यह कदम कंपनी की नॉन-कोर व्यवसायों से बाहर निकलने और मुख्य क्षेत्रों पर फोकस करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
ब्लॉक डील के ज़रिए होगी बिक्री
एक रिपोर्ट के अनुसार, रिलायंस एशियन पेंट्स में अपनी 4.9% हिस्सेदारी एक या अधिक ब्लॉक डील्स के जरिए बेचने की योजना पर काम कर रही है। इस लेनदेन की जिम्मेदारी बैंक ऑफ अमेरिका (BoFA) को सौंपी गई है। यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है, जब एशियन पेंट्स को बढ़ती प्रतिस्पर्धा और मार्जिन दबाव का सामना करना पड़ रहा है।
रिलायंस की रणनीति में बड़ा बदलाव
रिलायंस अब अपने पोर्टफोलियो को रीअलाइन कर रही है। कंपनी की योजना है कि वह ऊर्जा, रिटेल और डिजिटल सेवाओं जैसे मुख्य क्षेत्रों पर अधिक ध्यान केंद्रित करे – ये वे सेक्टर हैं जहां वह पहले से ही अग्रणी है। इस दिशा में एशियन पेंट्स से एग्जिट को एक रणनीतिक निर्णय माना जा रहा है।
बड़ी पूंजी की प्राप्ति
रिलायंस को इस हिस्सेदारी बिक्री से 1.3 बिलियन डॉलर की भारी रकम मिलेगी, जिससे वह अपने मुख्य व्यवसायों में और निवेश कर सकेगी।
एशियन पेंट्स को अवसर
रिलायंस के बाहर होने से एशियन पेंट्स को अधिक स्वतंत्रता मिल सकती है और वह नए रणनीतिक साझेदारों को आकर्षित कर सकती है।
फोकस्ड बिजनेस रणनीति
रिलायंस अब उन क्षेत्रों पर फोकस कर रही है जहां ग्रोथ की अधिक संभावनाएं हैं, खासकर हरित ऊर्जा और डिजिटल इनोवेशन में।
रिलायंस इस पूंजी का उपयोग अपने हरित ऊर्जा प्रोजेक्ट्स, Jio डिजिटल एक्सपैंशन, और रिटेल विस्तार में कर सकती है। वहीं एशियन पेंट्स इस हिस्सेदारी को बेचकर अपनी बैलेंस शीट को मजबूत कर सकती है या इसे नए निवेशकों को ऑफर कर सकती है।
यह एग्जिट रिलायंस इंडस्ट्रीज की उस दूरदर्शी रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत वह अपने मुख्य व्यवसायों में मजबूती लाने और भविष्य की संभावनाओं को सशक्त करने पर ज़ोर दे रही है।




