uncategorized

गगनयान के लिए बढ़ी उम्मीदें: LVM3-M6 की ऐतिहासिक सफलता ने साबित की इसरो की ‘सटीक’ ताकत

Lucknow Focus News Desk: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के सबसे शक्तिशाली रॉकेट LVM3 ने बुधवार को न केवल दुनिया का सबसे भारी संचार सैटेलाइट लॉन्च किया, बल्कि भारत के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन ‘गगनयान’ के लिए भी अपनी अटूट विश्वसनीयता साबित कर दी। इसरो प्रमुख वी. नारायणन ने इस लॉन्च को ऐतिहासिक बताते हुए रॉकेट की सटीकता और स्वदेशी तकनीक की सराहना की।

अविश्वसनीय सटीकता और नया कीर्तिमान

इसरो अध्यक्ष के अनुसार, यह मिशन भारतीय लॉन्चरों के इतिहास में अब तक की सबसे सटीक लॉन्चिंग में से एक है। रॉकेट को 520 किमी की वृत्ताकार कक्षा का लक्ष्य दिया गया था, जिसे इसने 518.5 किमी की ऊंचाई पर बेहद सटीकता के साथ स्थापित किया। भारत की धरती से लॉन्च किया गया यह अब तक का सबसे वजनी उपग्रह था, जिसका भार लगभग 5,908 किलोग्राम था। LVM3 रॉकेट की यह लगातार 9वीं सफल उड़ान है, जो इसकी 100% विश्वसनीयता को दर्शाती है।

नई स्वदेशी तकनीक: बढ़ा पेलोड और नियंत्रण

इस मिशन में पहली बार एक क्रांतिकारी बदलाव किया गया, जो गगनयान मिशन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। रॉकेट के S200 सॉलिड मोटर कंट्रोल सिस्टम में पुराने इलेक्ट्रो-हाइड्रो सिस्टम की जगह अब शक्तिशाली स्वदेशी इलेक्ट्रो-मैकेनिकल एक्ट्यूएटर का उपयोग किया गया है। इस नई तकनीक के कारण रॉकेट की पेलोड ले जाने की क्षमता लगभग 150 किलोग्राम तक बढ़ गई है।

गगनयान के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह मिशन?

वी. नारायणन ने स्पष्ट किया कि LVM3 ही वह ‘मानव-रेटेड’ (Human-Rated) लॉन्च व्हीकल है, जो भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर जाएगा। इसरो अध्यक्ष वी. नारायणन “लगातार नौ सफल लॉन्च ने यह साबित कर दिया है कि भारत मानव अंतरिक्ष उड़ान के लिए तकनीकी रूप से पूरी तरह तैयार है। यह सफलता गगनयान मिशन के प्रति हमारे भरोसे को और मजबूत करती है।”

Related Articles

Back to top button