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पटना में 85 साल बाद होगी कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक, विधानसभा चुनाव और वोट चोरी पर होगी चर्चा

Lucknow Focus News Desk: बिहार की राजधानी पटना में बुधवार को कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक होने जा रही है। विशेष बात यह है कि आज़ादी के बाद राज्य में पहली बार और 85 साल बाद यह बैठक आयोजित हो रही है। इससे पहले 1912, 1922 और 1940 में पटना में कांग्रेस की कार्यसमिति की बैठकें हो चुकी हैं।

बैठक का आयोजन प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्यालय सदाकत आश्रम में होगा। पार्टी के शीर्ष नेता इस बैठक में आगामी बिहार विधानसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा करेंगे। साथ ही, “वोट चोरी” के मुद्दे पर भाजपा को घेरने की योजना भी बनाई जाएगी।

इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, वरिष्ठ नेता जयराम रमेश सहित पार्टी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, राज्य इकाई अध्यक्ष और विधायक दल के नेता शामिल होंगे। हालांकि, प्रियंका गांधी और सोनिया गांधी इस बैठक में उपस्थित नहीं रहेंगी।

राहुल गांधी करेंगे संबोधित

कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, बैठक में राहुल गांधी विशेष रूप से संबोधन करेंगे। बैठक के बाद वह विपक्षी गठबंधन INDIA के नेताओं के साथ मुख्यमंत्री पद का चेहरा तय करने और सीट बंटवारे से जुड़ी चर्चाओं को आगे बढ़ाएंगे। इसके लिए होटल चाणक्य में अलग बैठक बुलाई गई है। संभावना है कि इसके बाद राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस भी करें।

बैठक में भाग लेने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और महासचिव केसी वेणुगोपाल मंगलवार को ही पटना पहुंच चुके हैं।

कांग्रेस नेताओं ने इस बैठक को ऐतिहासिक बताया है। पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा, “कांग्रेस की यह बैठक ऐतिहासिक राज्य और ऐतिहासिक शहर में हो रही है, इसलिए इसके निर्णय भी ऐतिहासिक होंगे।” वहीं, बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश कुमार राम ने कहा कि आज़ादी के बाद बिहार में पहली बार CWC की बैठक होना अपने आप में ऐतिहासिक घटना है।

संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया पर लिखा कि कांग्रेस अध्यक्ष खरगे के नेतृत्व में विस्तारित कार्यसमिति की यह बैठक केवल रणनीति नहीं, बल्कि बिहार के लोगों के लिए पार्टी की प्रतिबद्धता का प्रतीक होगी। उन्होंने कहा कि जब बिहार एक ओर आशा, सामाजिक न्याय और विकास की राह पर खड़ा है, तो दूसरी ओर नफरत, हिंसा और बेरोजगारी जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है। ऐसे समय में यह बैठक राज्य के कल्याण के लिए कांग्रेस की गंभीरता को दर्शाती है।

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