यूपी में ‘SIR’ के दौरान तीन करोड़ मतदाताओं के नाम कटने की आशंका: चुनाव आयोग ने कही ये बात

Lucknow Focus News Desk: भारत निर्वाचन आयोग ने उत्तर प्रदेश में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम के दौरान मतदाता सूची से हटाने के लिए चिह्नित किए गए मतदाताओं की संख्या को लेकर चिंता व्यक्त की है। आयोग ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को चिह्नित नामों की दोबारा जांच करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
मुख्य बिंदु और चिंता
अभी तक की रिपोर्ट के अनुसार, कुल गणना प्रपत्रों में से 18.48 प्रतिशत को ‘असंग्रहीत’ श्रेणी में चिह्नित किया गया है। आयोग ने इस प्रतिशत को ‘काफी ज्यादा’ मानते हुए चिंता व्यक्त की है। वर्तमान रिपोर्ट के अनुसार, यह संख्या करीब तीन करोड़ मतदाताओं तक पहुंच सकती है, जो कि केरल के कुल मतदाताओं की संख्या से भी अधिक है। ‘असंग्रहीत’ श्रेणी में मुख्य रूप से मृतक, स्थायी रूप से स्थानांतरित, अनुपस्थित (Absent) और दो जगह वोट वाले मतदाता शामिल हैं।
आयोग की समीक्षा बैठक और निर्देश
मंगलवार को भारत निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त मनीष गर्ग की अध्यक्षता में एक ऑनलाइन बैठक हुई। इस बैठक में यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा, सभी मंडलायुक्तों, रोल प्रेक्षकों, विशेष रोल प्रेक्षकों, जिला निर्वाचन अधिकारियों और अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारियों ने भाग लिया।
आयोग द्वारा जारी प्रमुख निर्देश
सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को मृतक, स्थायी रूप से स्थानांतरित, अनुपस्थित और दोहरी प्रविष्टि वाले मतदाताओं का पुनः सत्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिन मतदेय स्थलों पर शत-प्रतिशत काम पूरा हो चुका है, वहाँ के बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) द्वारा ‘असंग्रहीत मतदाताओं’ की सूची मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बीएलए (बूथ लेवल एजेंट) को उपलब्ध कराई जाए।
12 दिसंबर तक सभी बीएलओ के साथ बीएलए की बैठक कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं। वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मैप किए गए मतदाताओं का प्रतिशत 72.90 है, जबकि 27.10 प्रतिशत की मैपिंग अभी शेष है। जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे मैपिंग का कार्य शीघ्र पूर्ण कराएं, ताकि कम से कम संख्या में नोटिस जारी हों। 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवाओं को मतदाता बनाने के लिए फार्म-6 भरवाए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
डिजिटाइजेशन की स्थिति
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि प्रदेश में कुल 15.44 करोड़ मतदाताओं के गणना प्रपत्रों के सापेक्ष 98.14 प्रतिशत गणना प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन का काम पूरा हो चुका है। इनमें से 79.95 प्रतिशत गणना प्रपत्र मतदाता या उसके परिवार के सदस्य के हस्ताक्षर के साथ प्राप्त हुए हैं।




