वेनेजुएला पर अमेरिकी कार्रवाई का विरोध: मेरठ में ‘जनवादी लेखक संघ’ ने राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

Lucknow Focus News Desk: वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी और अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप के विरोध में आज जनवादी लेखक संघ (जलेस) की मेरठ इकाई ने भारत की राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। लेखकों और बुद्धिजीवियों के इस समूह ने अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर की गई कार्रवाई को ‘साम्राज्यवादी हमला’ और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन करार दिया है।

‘मादुरो को रिहा करो, संप्रभुता का सम्मान करो’
ज्ञापन में भारत सरकार से अपील की गई है कि वह UNO और इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (ICJ) में इस मामले को प्रभावी ढंग से उठाए।
राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी की गिरफ्तारी को ‘अपहरण’ बताते हुए उन्हें तुरंत रिहा करने की मांग की गई। आरोप लगाया गया कि अमेरिका की नजर वेनेजुएला के तेल, गैस और अन्य प्राकृतिक संसाधनों पर है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। ज्ञापन में राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा क्यूबा, मेक्सिको, ग्रीनलैंड और कोलंबिया जैसे देशों को दी जा रही धमकियों पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई। अंतरराष्ट्रीय कानूनों के उल्लंघन के लिए अमेरिका से राष्ट्रपति मादुरो को 10-10 करोड़ डॉलर का मुआवजा दिलाने की अपील की गई।
आजादी और जनतंत्र पर प्रहार
जनवादी लेखक संघ के सचिव मुनेश त्यागी और अन्य वक्ताओं ने कहा कि यह हमला केवल वेनेजुएला पर नहीं, बल्कि किसी भी जनतांत्रिक देश की संप्रभुता पर हमला है। उन्होंने इसे अमेरिका का ‘साम्राज्यवादी वर्चस्व’ कायम करने की साजिश बताया।
प्रदर्शन में शामिल प्रमुख सदस्य: घासीराम मलिक (उपाध्यक्ष), मुनेश त्यागी (सचिव), मंगल सिंह मंगल, धर्मपाल सिंह मित्रा (कोषाध्यक्ष), महकार सिंह, विक्रम सिंह और अन्य लेखक व नागरिक शामिल रहे।




