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सुप्रीम फैसला: नीट प्रदर्शनकारियों पर दर्ज सभी एफआईआर रद्द, पीड़ितों के परिवारों को मिलेगा मुआवजा

Lucknow Focus News Desk: नीट-यूजी (NEET-UG) पेपर लीक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने वाले छात्रों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने संविधान के अनुच्छेद 142 का उपयोग करते हुए दिल्ली समेत पांच राज्यों में प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने का ऐतिहासिक आदेश दिया है। इसके साथ ही, केंद्र सरकार द्वारा दिए गए सकारात्मक आश्वासन के बाद सीजेपी (CJP) ने 5 सितंबर को होने वाला प्रस्तावित मार्च वापस ले लिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली, असम, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और बिहार में 20 से 25 जुलाई के दौरान हुए नीट प्रदर्शनों से जुड़ी सभी एफआईआर को निरस्त करने का निर्देश दिया है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को सूचित किया कि प्रदर्शन के दौरान आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिसके लिए केंद्र ने 3 महीने का समय मांगा है।

कोर्ट ने छात्र प्रदर्शनकारियों को राहत दी है, लेकिन आपराधिक पृष्ठभूमि वाले 2,873 लोगों के खिलाफ नई एफआईआर दर्ज करने की अनुमति केंद्र को दी है। सुप्रीम कोर्ट और सॉलिसिटर जनरल दोनों ने माना कि सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच खुले दिमाग से हुई सकारात्मक बातचीत से यह हल संभव हुआ है।

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