सरकार को अल्टीमेटम: मांगें पूरी करो, नहीं तो 9 जुलाई को देश बंद

Lucknow Focus News Desk: केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और स्वतंत्र फेडरेशनों के लखनऊ मंच ने आज उप श्रमायुक्त के माध्यम से प्रधानमंत्री और श्रम मंत्री को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें श्रमिकों और कर्मचारियों से जुड़ी विभिन्न मांगों को पुरजोर ढंग से उठाया गया। प्रमुख मांगों में पुरानी पेंशन की बहाली, चारों श्रम संहिताओं को निरस्त करने और असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा देने की मांग शामिल है।

ज्ञापन सौंपने के कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ सहित विभिन्न संगठनों ने भाग लिया और समर्थन व्यक्त किया। वक्ताओं ने केंद्र सरकार पर श्रमिक विरोधी नीतियों को थोपने का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि यदि मांगे नहीं मानी गईं, तो आगामी 9 जुलाई 2025 को राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल की जाएगी।
यह निर्णय अखिल भारतीय आह्वान के तहत पहले से प्रस्तावित 20 मई की राष्ट्रीय आम हड़ताल को स्थगित कर ‘राष्ट्रीय विरोध दिवस’ के रूप में मनाने के क्रम में लिया गया। इस स्थगन का कारण हाल ही में पहलगाम षड्यंत्र और सीमाओं पर उत्पन्न विषम परिस्थितियाँ बताई गईं।

प्रमुख मांगें:
1. चारों श्रम संहिताओं को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए और पुराने श्रम कानूनों को सख्ती से लागू किया जाए।
2. असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा की गारंटी सुनिश्चित की जाए।
3. स्कीम वर्कर्स को ₹26,000 मासिक न्यूनतम वेतन दिया जाए और उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए।
4. सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण पर रोक लगाई जाए और सार्वजनिक निवेश को बढ़ाकर रोजगार के अवसर सृजित किए जाएं।
5. सभी सरकारी विभागों में रिक्त पदों पर तत्काल भर्ती की जाए और समान कार्य के लिए समान वेतन लागू किया जाए।
6. ठेका प्रथा समाप्त की जाए और नियमित प्रकृति के कार्यों के लिए स्थायी कर्मचारियों की नियुक्ति की जाए।
7. पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल की जाए और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन समेत अन्य विभागों में संविदा एवं आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को नियमित किया जाए।
राज्य कर्मचारी महासंघ ने भी सक्रिय भागीदारी की
आज के धरने में उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ ने भी सक्रिय भागीदारी की। महासंघ के पदाधिकारियों ने श्रमिकों की मांगों को जायज ठहराते हुए पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया।
वक्ता
इस अवसर पर सीटू के राहुल मिश्रा, एटक के चंद्रशेखर, उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के प्रांतीय कोषाध्यक्ष राम भजन मौर्या, जिला अध्यक्ष अफ़ीफ़ सिद्दीकी, इंटक से दिलीप श्रीवास्तव, UPMSRA से आनंद शर्मा, सेवा से सीता बहन, AIUTC से आशुतोष सहित अन्य नेताओं ने संबोधित किया और सरकार की श्रमिक विरोधी नीतियों की आलोचना की।
आगे की रणनीति
केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और स्वतंत्र फेडरेशनों ने स्पष्ट किया कि वे श्रमिकों और कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेंगे। यदि सरकार समय रहते इन मांगों पर अमल नहीं करती, तो 9 जुलाई 2025 को राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल के माध्यम से व्यापक विरोध दर्ज कराया जाएगा।




