लखनऊ

कालीचरण पी.जी. कॉलेज में ‘वार्षिकोत्सव-2026’ की धूम: विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना बोले- संभलकर चलें युवा

Lucknow Focus News Desk: लखनऊ के प्रतिष्ठित कालीचरण पी.जी. कॉलेज में बुधवार को ‘वार्षिकोत्सव-2026’ का आयोजन बड़े ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ किया गया। इस मौके पर उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना ने छात्र-छात्राओं को जीवन की नई सीख देते हुए राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम का आगाज़ मुख्य अतिथि और विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। इस दौरान कॉलेज की पत्रिका ‘वाणी’ का विमोचन भी किया गया।

महाना का युवाओं को मंत्र

छात्रों को संबोधित करते हुए सतीश महाना ने तकनीक के दौर में संस्कारों की अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने युवाओं को आगाह करते हुए एक बहुत बड़ी बात कही जैसे कंप्यूटर के कीबोर्ड में डिलीट का विकल्प होता है, जीवन में वैसा कोई विकल्प नहीं होता। आपकी एक भी गलती जीवन भर का दाग बन सकती है।

उन्होंने आगे कहा कि आज प्रतिस्पर्धा का युग है, लेकिन सफलता का असली मंत्र दूसरों को नीचा दिखाना या हराना नहीं, बल्कि खुद को बेहतर बनाना और आगे बढ़ना है। इस दौरान उन्होंने पूर्व सांसद और मार्गदर्शक रहे श्रद्धेय लालजी टंडन ‘बाबू जी’ को भी बड़ी भावुकता के साथ याद किया।

कुलपति और विशिष्ट अतिथियों ने दी सीख

प्रो. जे.पी. सैनी (कुलपति, LU) ने छात्रों को मोबाइल की लत से बचकर खेलकूद और योग की ओर मुड़ने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि व्यक्तित्व में निखार व्यवहार से आता है, न कि सिर्फ किताबों से।

गोविन्द नारायण शुक्ला (MLC) ने शिक्षकों से छात्रों की प्रतिभा पहचान कर उन्हें रोजगारोन्मुखी शिक्षा देने का आवाहन किया।

अमित टंडन ने कॉलेज के विकास में बाबू जी (लालजी टंडन) के सपनों को पूरा करने की प्रतिबद्धता जताई।

पूर्व छात्रों और मेधावियों का हुआ सम्मान

कॉलेज के लिए यह गौरव का क्षण था जब मुख्य अतिथि ने अपने-अपने क्षेत्रों में नाम कमा रहे पूर्व छात्रों (डॉ. सौरभ मौर्य, भारत भारती, डॉ. अखिलेश सिंह आदि) को सम्मानित किया। इसके अलावा वर्तमान मेधावी छात्रों मौली दीक्षित (बैंक PO), महिमा गुप्ता (राजस्व परिषद) और प्रशांत गुप्ता (UGC NET) को मेडल देकर प्रोत्साहित किया गया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां

अधिवेशन के अंत में छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। डॉ. अल्का द्विवेदी के नेतृत्व में युवाओं ने नृत्य और संगीत के माध्यम से भारतीय संस्कृति की झलक पेश की। कॉलेज के प्रबंधक इंजीनियर वी.के. मिश्र ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और प्राचार्य प्रो. चंद्र मोहन उपाध्याय ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए इस दिन को कॉलेज के इतिहास का एक स्वर्णिम अध्याय बताया।

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