The Bonus Market Update: सेंसेक्स 600 अंक टूटा, निफ्टी 23500 के नीचे फिसला, रुपया 96.88 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर

Lucknow Focus News Desk: वैश्विक मोर्चे पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और चौतरफा बिकवाली के दबाव में भारतीय शेयर बाजार बुधवार को औंधे मुंह खुले। पश्चिम एशिया संकट (ईरान-अमेरिका तनाव) के चलते कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में आई रिकॉर्ड ऐतिहासिक गिरावट ने निवेशकों की धारणा को झकझोर कर रख दिया है। इसके चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांक भारी नुकसान के साथ लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं।
बाजार की कमजोर शुरुआत: सेंसेक्स-निफ्टी हुए धड़ाम
बुधवार सुबह बाजार खुलते ही बिकवाली का दौर शुरू हो गया। शुरुआती कारोबार (सुबह 9:27 बजे) के दौरान बाजार का हाल कुछ ऐसा रहा।
सेंसेक्स (Sensex): बीएसई सेंसेक्स 394.36 अंकों की गिरावट के साथ 74,806.49 पर खुला और देखते ही देखते 492.81 अंक (0.65%) टूटकर 74,708.04 के स्तर पर पहुंच गया।
निफ्टी 50 (Nifty 50): एनएसई निफ्टी 160.75 अंकों की कमजोरी के साथ 23,457.25 पर खुला और कुछ ही मिनटों में 23,459.10 के स्तर पर आ गया।
बाजार में गिरावट के 4 मुख्य कारण: विशेषज्ञों की राय
- डॉलर के मुकाबले रुपया ऑल-टाइम लो पर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती के बीच भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 96.88 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर खुला है। रुपये की इस कमजोरी से देश का व्यापार संतुलन और चालू खाता घाटा (CAD) प्रभावित हो रहा है।
- $110 प्रति बैरल पर पहुंचा कच्चा तेल
ईरान-अमेरिका युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला (Energy Supply Chain) में लगातार व्यवधान आ रहा है। इसके चलते ब्रेंट कच्चे तेल (Brent Crude Oil) की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में 110 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर टिकी हुई हैं, जो भारत जैसी आयात-निर्भर अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय है।
- बढ़ता बॉन्ड यील्ड और महंगाई की चिंता
बैंकिंग और बाजार विशेषज्ञ अजय बग्गा के अनुसार, अमेरिका, जापान, यूरोप, ब्रिटेन और भारत में बॉन्ड प्रतिफल (Bond Yield) लगातार बढ़ रहा है। इसके अलावा देश में सामान्य से कम मानसून के पूर्वानुमान ने भी चिंता बढ़ा दी है, जिससे साल की दूसरी छमाही में कृषि उत्पादन और ग्रामीण इलाकों में खपत की मांग प्रभावित हो सकती है।
- मुद्रास्फीति पर टिकी नजरें
जियोजित इन्वेस्टमेंट के अनुसंधान प्रमुख विनोद नायर ने बताया कि कॉर्पोरेट जगत के चौथी तिमाही (Q4) के नतीजों से घरेलू अर्थव्यवस्था की मजबूती तो दिखती है, लेकिन निवेशकों का पूरा ध्यान इस समय तेजी से बढ़ती मुद्रास्फीति (महंगाई) पर केंद्रित हो गया है। अब बाजार की नजरें एआई (AI) सेक्टर की दिग्गज कंपनी ‘एनविडिया’ के परिणामों पर टिकी हैं।
सभी सेक्टर्स में मची बिकवाली, सेक्टोरल इंडेक्स लाल
बाजार में चौतरफा गिरावट का असर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के सभी सेक्टोरल इंडेक्स पर देखने को मिला।
निफ्टी मीडिया: सबसे ज्यादा 1.96% की गिरावट दर्ज की गई।
निफ्टी रियल्टी: 1.78% नीचे फिसला।
निफ्टी ऑटो व पीएसयू बैंक: ऑटो सेक्टर 1.30% और सरकारी बैंक 1.27% टूटे।
निफ्टी एफएमसीजी व प्राइवेट बैंक: एफएमसीजी 0.90% और निजी बैंक 0.92% के नुकसान में रहे।
निफ्टी मेटल व कंज्यूमर ड्यूरेबल्स: मेटल 0.81% और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 0.80% नीचे कारोबार कर रहे हैं।




