उत्तर प्रदेशलखनऊ

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण ने रचा इतिहास, मुख्य शिखर पर स्थापित हुआ कलश

श्रीराम जन्मभूमि परिसर में बन रहे भव्य राम मंदिर के निर्माण कार्य ने सोमवार को एक और ऐतिहासिक मुकाम हासिल कर लिया। मंदिर के गर्भगृह के मुख्य शिखर पर वैदिक विधि-विधान और ब्राह्मणों की उपस्थिति में कलश की स्थापना की गई। यह पावन अनुष्ठान सुबह 9:15 बजे प्रारंभ हुआ और 10:30 बजे पूर्ण हुआ। इस ऐतिहासिक क्षण पर अयोध्या में उत्सव जैसा माहौल रहा और श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिला।

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने जानकारी दी कि वैशाखी और डॉ. भीमराव आंबेडकर जयंती के शुभ अवसर पर यह कार्य पूर्ण किया गया। अब मंदिर के मुख्य शिखर पर ध्वजदंड लगाने की प्रक्रिया आरंभ की जाएगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्माण केवल आध्यात्मिक नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और सामाजिक एकता का भी प्रतीक है। उन्होंने इसे राष्ट्र की आस्था और संकल्प का परिणाम बताया और ट्रस्ट सहित सभी कार्यकर्ताओं की सराहना की। साथ ही उन्होंने दोहराया कि अयोध्या को वैश्विक स्तर पर तीर्थस्थल के रूप में विकसित करने के लिए सरकार निरंतर कार्यरत है। सड़क, रेल और हवाई सेवाओं के विस्तार के साथ श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बेहतर बनाया जा रहा है।

जल्द शुरू होगी मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा

चंपत राय ने बताया कि मंदिर परिसर से अब निर्माण में उपयोग की जा रही मशीनों को हटाया जाएगा और प्रथम तल पर राजा राम सहित सप्तऋषियों और परकोटे के मंदिरों में मूर्तियों की प्रतिष्ठा का कार्य शीघ्र आरंभ किया जाएगा। मंदिर निर्माण कार्य तय समय के अनुसार तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिससे भक्तों में गहरी आस्था और ऊर्जा का संचार हो रहा है। श्रीराम मंदिर न केवल श्रद्धा का केंद्र बन रहा है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति की गौरवगाथा को नई ऊंचाई देने की ओर भी अग्रसर है।

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