लखनऊ में गोमती नदी का तांडव: 30 करोड़ का नुकसान, निचले इलाकों और स्टेडियमों में भरा पानी

Lucknow Focus News Desk: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पिछले कई दिनों से गोमती नदी उफान पर है। बारिश थमने के बावजूद लखीमपुर खीरी, पीलीभीत और सीतापुर की ओर से आ रहे भारी पानी के कारण नदी का जलस्तर सामान्य से करीब 8 फीट (2.44 मीटर) ऊपर पहुंचकर 108.14 मीटर दर्ज किया गया है। नदी का पानी फैजुल्लागंज सहित कई रिहायशी इलाकों में घरों तक पहुंच गया है।
गोमतीनगर में लामार्टिनियर कॉलेज के पीछे एलडीए के जी-2 फ्लाईओवर का निर्माण कर रही कंपनी ‘एनसीसी’ के स्टोर में शुक्रवार दोपहर अचानक गोमती का पानी घुस गया। पानी का बहाव इतना तेज था कि कर्मचारी कागजात तक नहीं निकाल सके और करीब 30 करोड़ रुपये की निर्माण सामग्री बह गई।
सेज क्रिकेट स्टेडियम में पानी भरने के कारण सेज क्रिकेट एकेडमी को बंद कर दिया गया है। इकाना स्टेडियम परिसर के बाहर पानी पहुंचने पर नाले को मिट्टी डालकर बंद किया गया है। इसके अलावा हनुमत धाम मंदिर, शनि देव मंदिर और लक्ष्मण मेला मैदान तक जलभराव हो गया है।
एमार गोमती ग्रींस और आसपास की सोसाइटियों के पास गोमती का पानी पहुंचने पर रेजिडेंट्स एसोसिएशन ने प्रशासन, आपदा प्रबंधन और बिजली निगम से निगरानी तथा सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने की मांग की है। रिवरफ्रंट की ‘फूड वैली’ को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।
फैजुल्लागंज में 200 से अधिक घर प्रभावित हैं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए गोमती बैराज के सभी 10 गेट खोल दिए गए हैं, ताकि पानी तेजी से डाउनस्ट्रीम की ओर बह सके। इसके अलावा बैकफ्लो रोकने के लिए 48 ड्रेनेज आउटलेट बंद किए गए हैं।
सिंचाई विभाग के अधिकारियों के अनुसार, ऊपरी इलाकों से पानी का प्रवाह कम होने पर सोमवार से गोमती के जलस्तर में गिरावट आने की संभावना है।




