संसद में बढ़ी रार: राहुल गांधी के खिलाफ ‘विशेषाधिकार हनन’ प्रस्ताव लाने की तैयारी

Lucknow Focus News Desk: संसद के भीतर पक्ष-विपक्ष की जुबानी जंग अब कानूनी और तकनीकी दांव-पेच तक पहुंच गई है। केंद्र सरकार ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ ‘विशेषाधिकार हनन’ का प्रस्ताव लाने का मन बना लिया है। सरकार का आरोप है कि राहुल गांधी ने सदन में गलत और बिना प्रमाणित तथ्य पेश किए हैं।
संसद कोई मजाक का मंच नहीं
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने राहुल गांधी पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि विपक्ष के नेता सदन की गरिमा, नियमों और परंपराओं को गंभीरता से समझें। उन्होंने स्पष्ट किया कि संसद ऐसा मंच नहीं है जहां कोई भी खड़ा होकर निराधार या मनगढ़ंत दावे कर सके। जोशी ने कहा सदन में बोले गए हर शब्द का अपना संवैधानिक महत्व होता है और उसके साथ जवाबदेही जुड़ी होती है।
सबूत दें या जिम्मेदारी लें
प्रह्लाद जोशी ने राहुल गांधी को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि अगर वे किसी पर भी आरोप लगाना चाहते हैं, तो उन्हें उचित दस्तावेज सदन की मेज पर रखने चाहिए। उन्होंने कहा कोई भी आरोप लगाने से पहले उससे जुड़े रिकॉर्ड पेश करें। अपने दावों पर लिखित जिम्मेदारी लें और हर शब्द की जवाबदेही तय करें। केवल बार-बार एक ही बात दोहराने से झूठ सच नहीं हो जाता।
सरकार के इस रुख ने साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में सदन के भीतर राहुल गांधी की घेरेबंदी और तेज होने वाली है। विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव के जरिए सरकार विपक्ष को तथ्यों के मोर्चे पर घेरने की कोशिश में है।
