रामपुर जेल में आजम खां से मिले शिवपाल यादव, जौहर यूनिवर्सिटी का दौरा कर दिया बड़ा राजनीतिक संदेश

Lucknow Focus News Desk: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव ने बुधवार को रामपुर पहुंचकर रामपुर जेल में बंद सपा नेता आजम खां से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच करीब एक घंटे तक बातचीत हुई, जिसमें राजनीतिक और स्थानीय मुद्दों पर गहन चर्चा होने की बात सामने आई है। इस दौरे से सपा कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखा गया और इसे पार्टी के रणनीतिक व राजनीतिक घटनाक्रम के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
तजीन फात्मा से मुलाकात और जौहर यूनिवर्सिटी का दौरा
जेल में आजम खां से मिलने के बाद शिवपाल यादव उनके आवास पहुंचे, जहां उन्होंने आजम खां की पत्नी एवं पूर्व सांसद डॉ. तजीन फात्मा से मुलाकात की। उन्होंने तजीन फात्मा से आजम खां के स्वास्थ्य समेत अन्य विषयों की विस्तृत जानकारी ली। इसके बाद वे जौहर यूनिवर्सिटी पहुंचे और विश्वविद्यालय परिसर का जायजा लिया।
2027 चुनाव की रणनीति: कांग्रेस से गठबंधन, बसपा से दूरी
इससे पहले, मंगलवार को अमरोहा और मुरादाबाद के दौरे के दौरान सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए शिवपाल यादव ने उत्तर प्रदेश के 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी की रणनीति साफ की। उन्होंने स्पष्ट किया कि सपा का गठबंधन कांग्रेस के साथ है और दोनों दल मिलकर 2027 का चुनाव लड़ेंगे। यह रणनीति 2024 के लोकसभा चुनाव की एकजुटता को आगे बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखी जा रही है।
उन्होंने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के साथ किसी भी तरह के तालमेल या गठबंधन की संभावना को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में अगली सरकार समाजवादी पार्टी की बनेगी और अखिलेश यादव मुख्यमंत्री होंगे।
मुकदमे वापसी और भाजपा पर तीखे हमले
शिवपाल यादव ने भाजपा सरकार पर सपा नेताओं व कार्यकर्ताओं के राजनीतिक उत्पीड़न का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सपा की सरकार बनते ही पूर्व मंत्री आजम खां और संभल के सांसद जियाउर्रहमान बर्क के खिलाफ दर्ज सभी मुकदमे वापस लिए जाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार महंगाई, बेरोजगारी, किसानों और व्यापारियों की समस्याओं से ध्यान हटाने के लिए हिंदू-मुस्लिम की राजनीति करती है। सपा-कांग्रेस गठबंधन जनता के इन्हीं बुनियादी सवालों को लेकर चुनाव मैदान में उतरेगा। संभल हिंसा प्रकरण में आई न्यायिक जांच आयोग की रिपोर्ट पर असहमति जताते हुए उन्होंने कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए जानबूझकर ऐसी जांच कराई गई है।




