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गर्मियों में क्यों बढ़ जाते हैं फूड पॉइजनिंग के मामले? जानिए कारण, लक्षण और बचाव के उपाय

जैसे ही गर्मी का पारा चढ़ता है, बीमारियों का खतरा भी बढ़ने लगता है। इन बीमारियों में फूड पॉइजनिंग सबसे सामान्य और गंभीर समस्या मानी जाती है। सही खानपान और थोड़ी सी सावधानी अपनाकर इस समस्या से आसानी से बचा जा सकता है।

गर्मियों में क्यों होती है फूड पॉइजनिंग?

गर्मियों में तापमान ज्यादा होने की वजह से बैक्टीरिया और अन्य सूक्ष्मजीव तेजी से बढ़ते हैं, जिससे खाने-पीने की चीजें जल्दी खराब हो जाती हैं। अगर इन्हीं खराब चीजों का सेवन किया जाए तो पेट से जुड़ी समस्याएं और फूड पॉइजनिंग होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। WHO की रिपोर्ट के अनुसार हर साल दुनिया में 60 करोड़ से अधिक लोग फूड-बॉर्न डिजीज से ग्रसित होते हैं, जिसमें सबसे कॉमन बीमारी फूड पॉइजनिंग ही है।

कौन-कौन से बैक्टीरिया जिम्मेदार?

  1. ई. कोलाई (E. coli)
  2. सालमोनेला (Salmonella)
  3. स्टेफायलोकोकस (Staphylococcus)
  4. क्लॉस्ट्रिडियम बॉट्यूलिनम (Clostridium botulinum) — यह सबसे खतरनाक संक्रमण माना जाता है।

फूड पॉइजनिंग के लक्षण

  1. पेट में तेज दर्द और ऐंठन
  2. बार-बार दस्त (Loose motions)
  3. गैस बनना और बेचैनी
  4. सिर दर्द और चक्कर
  5. उल्टी
  6. गंभीर स्थिति में आंखों के सामने अंधेरा छा जाना

बचाव के उपाय

  1. स्वच्छता रखें – खाना बनाने और खाने से पहले हाथ अच्छे से धोएं।
  2. बासी खाना न खाएं – ताजा और गरम भोजन ही खाएं।
  3. जंक फूड और स्ट्रीट फूड से बचें – स्वादिष्ट दिखने वाले स्ट्रीट फूड सेहत के लिए हानिकारक हो सकते हैं।
  4. पानी का ध्यान रखें – दिन में कम से कम 6-8 लीटर पानी जरूर पिएं। हाइड्रेटेड रहना बेहद जरूरी है।
  5. फ्रिज में भोजन रखें – अगर खाना बच जाए तो उसे खुले में न छोड़ें, फ्रिज में स्टोर करें।
  6. कैफीन और शराब से बचें – ये पदार्थ शरीर को डिहाइड्रेट कर सकते हैं और बीमारियों का कारण बन सकते हैं।

गर्मियों में छोटी सी लापरवाही सेहत पर भारी पड़ सकती है। इसलिए सावधानी ही सबसे अच्छा इलाज है। सही खानपान, स्वच्छता और पर्याप्त पानी पीकर फूड पॉइजनिंग जैसी बीमारियों से खुद को और परिवार को बचाया जा सकता है।

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