उत्तर प्रदेशलखनऊ

यूपी में ‘ऊर्जा वन अभियान’ से ग्रामीण आत्मनिर्भरता को नई दिशा, 2.81 लाख से अधिक पौधों का रोपण

जलौनी लकड़ी की जरूरतें होंगी पूरी और मजबूत होगी ग्रामीण ऊर्जा सुरक्षा; हर विकास खंड में तैयार किए गए 'ऊर्जा वन'

Lucknow Focus News Desk: उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू ऊर्जा की जरूरतों को पूरा करने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार द्वारा शुरू किए गए ‘ऊर्जा वन अभियान’ ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इस विशेष अभियान के तहत राज्य भर में 2.81 लाख से अधिक तेजी से बढ़ने वाले पौधों का रोपण किया गया है, जो भविष्य में ग्रामीणों के लिए जलौनी (ईंधन) लकड़ी का एक बड़ा सहारा बनेंगे।

लखनऊ में 23 जुलाई 2026 को शुरू किए गए इस महत्वाकांक्षी अभियान के अंतर्गत प्रदेश के प्रत्येक विकास खंड में एक हेक्टेयर भूमि चिन्हित कर वृक्षारोपण किया गया है। इन वनों में मुख्य रूप से सिरस, बबूल, सुबबूल, गुटेल और कदम्ब जैसी तेजी से बढ़ने वाली प्रजातियों के पेड़ लगाए गए हैं। सरकार के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में लगभग 2.27 करोड़ लोग ऐसे ग्रामीण इलाकों में रहते हैं जहाँ आज भी घरेलू ऊर्जा का प्राथमिक स्रोत जलौनी लकड़ी ही है।

इस अभियान का नेतृत्व वन एवं वन्यजीव विभाग द्वारा किया गया है, जिसमें ग्राम्य विकास विभाग और पंचायती राज विभाग ने भी सक्रिय सहयोग प्रदान किया है। आंकड़ों के मुताबिक, पूरे प्रदेश में कुल 242.40 हेक्टेयर भूमि पर 2,81,233 पौधे रोपे जा चुके हैं।

विशेषज्ञों और सरकारी अधिकारियों का मानना है कि यह अभियान सिर्फ ईंधन की लकड़ी उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरण संतुलन की दिशा में एक दीर्घकालिक निवेश है। भविष्य में यदि स्वच्छ ऊर्जा (जैसे एलपीजी या सौर ऊर्जा) का उपयोग पूरी तरह बढ़ भी जाता है, तब भी ये ‘ऊर्जा वन’ पर्यावरण के लिए बेहद फायदेमंद साबित होंगे। ये पेड़ बड़े पैमाने पर कार्बन अवशोषण (Carbon Absorption) कर जलवायु परिवर्तन के खतरों को कम करने और ग्रीन कवर बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होंगे।

Also Read: बुंदेलखंड में विकास की नई सुबह, मंत्री ए.के. शर्मा ने झांसी में 83.24 करोड़ की पेयजल योजनाओं का किया लोकार्पण

Related Articles

Back to top button