भारत बंद का बिहार में दिखा असर, राहुल-तेजस्वी की अगुवाई में हुआ मार्च

Lucknow Focus News Desk: आज यानी 9 जुलाई को देशभर में भारत बंद का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। बैंकिंग, बीमा, कोयला खनन, निर्माण, राजमार्ग समेत कई क्षेत्रों में करीब 25 करोड़ से ज्यादा कर्मचारी हड़ताल पर हैं। वहीं, बिहार में इस बंद का मुख्य कारण चुनाव आयोग द्वारा कराए जा रहे वोटर लिस्ट रिवीजन के खिलाफ विरोध है, जिसे लेकर महागठबंधन ने जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
राहुल गांधी-तेजस्वी यादव सड़क पर, पप्पू यादव को ट्रक से उतारा गया
बिहार की राजधानी पटना में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, राजद नेता तेजस्वी यादव और जन अधिकार पार्टी के प्रमुख पप्पू यादव एक मंच पर नजर आए। तीनों नेता एक ही ट्रक पर खड़े होकर मार्च की अगुवाई कर रहे थे, लेकिन बाद में पप्पू यादव को जबरन ट्रक से उतार दिया गया, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है।
बंद का सबसे बड़ा असर बिहार में देखने को मिला है। हाजीपुर, अररिया, दानापुर, वैशाली जैसे जिलों में सड़कों पर चक्का जाम, टायर जलाकर आगजनी और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। वैशाली के महुआ से राजद विधायक डॉ. मुकेश रोशन ने अपने समर्थकों के साथ गर्दनिया चौक पर पटना-हाजीपुर मार्ग को पूरी तरह से बंद कर दिया।
बंद के दौरान महात्मा गांधी सेतु पर भारी जाम की स्थिति बन गई, जहां वाहन लंबी कतारों में फंसे रहे और लोग पैदल चलते नजर आए। कई जगहों पर रेलवे ट्रैकों को भी बाधित किया गया, जिससे ट्रेनों की आवाजाही पर असर पड़ा।
विपक्ष का आरोप: वोटर लिस्ट में हो रही गड़बड़ी
महागठबंधन के नेताओं का आरोप है कि वोटर लिस्ट रिवीजन के नाम पर आयोग द्वारा जानबूझकर धांधली की जा रही है, जिससे विपक्षी वोटरों को सूची से हटाया जा सके। राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग तक मार्च कर अपना विरोध दर्ज कराया।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह आंदोलन सिर्फ वोटर लिस्ट की गड़बड़ियों के खिलाफ नहीं, बल्कि लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई है।
पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भी दिखा बंद का असर
बिहार के साथ-साथ पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भी बंद का असर दिखा। हालांकि, सबसे व्यापक प्रभाव बिहार में ही देखा गया, जहां सरकार और प्रशासन दोनों के लिए चुनौती की स्थिति बनी रही।
Also Read: MNS Protest: मीरा रोड पर ‘मराठी स्वाभिमान’ मार्च को लेकर बवाल, MNS कार्यकर्ता हिरासत में