बलिया के ‘रॉबिनहुड’ और BSP के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह का निधन, जानें ठेकेदार से 3 बार के MLA बनने का सफर

Lucknow Focus News Desk: उत्तर प्रदेश की राजनीति से एक दुखद खबर सामने आई है। बलिया जिले की रसड़ा विधानसभा सीट से लगातार तीन बार बहुजन समाज पार्टी (BSP) के विधायक रहे वरिष्ठ नेता उमाशंकर सिंह का ब्लड कैंसर के कारण निधन हो गया है। वे बीते लगभग डेढ़ साल से इस गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। उनके निधन से बलिया सहित पूरे प्रदेश के सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई है।
ठेकेदारी से शुरू हुआ सफर, क्षेत्र में बने ‘रॉबिनहुड’
उमाशंकर सिंह मूल रूप से बलिया के रहने वाले थे। राजनीति में कदम रखने से पहले वे ‘छात्र शक्ति कंस्ट्रक्शन’ नाम से एक प्रमुख ठेकेदार के रूप में पहचाने जाते थे। उन्होंने 2012 में बसपा के टिकट पर पहली बार रसड़ा से विधानसभा चुनाव जीता। इसके बाद वे 2017 और 2022 के चुनावों में भी लगातार विजयी रहे।
वर्ष 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में जब बसपा को पूरे प्रदेश में सिर्फ एक सीट मिली थी, तब उमाशंकर सिंह ही पार्टी के एकमात्र विधायक के रूप में विधानसभा पहुंचे थे। जनता के बीच गहरी पैठ और सामाजिक कार्यों के कारण उन्हें क्षेत्र में “रॉबिनहुड” कहा जाता था।
कानूनी लड़ाई लड़कर बचाई थी विधायकी
विधायक बनने के बाद उन पर सरकारी ठेकेदारी जारी रखने के आरोप लगे थे, जिसकी लोकायुक्त जांच भी हुई थी। इस मामले में उनके शुरुआती कार्यकाल के दौरान विधानसभा सदस्यता रद्द होने का बड़ा खतरा मंडरा रहा था। हालांकि, उन्होंने सुप्रीम कोर्ट तक कानूनी लड़ाई लड़ी और अपनी सदस्यता बचाने में सफल रहे। इसके अलावा, 2026 की शुरुआत में लखनऊ, बलिया और सोनभद्र स्थित उनके ठिकानों पर आयकर विभाग (Income Tax) की छापेमारी भी काफी सुर्खियों में रही थी।
जनसेवा और सामाजिक कार्यों के लिए जाने गए
क्षेत्र में उमाशंकर सिंह अपनी अनूठी जनसेवा के लिए बेहद लोकप्रिय थे। उन्होंने अपने क्षेत्र में गरीब परिवारों की बेटियों के लिए कई सामूहिक विवाह आयोजनों में अहम भूमिका निभाई। डिजिटल जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उन्होंने रसड़ा क्षेत्र में मुफ्त वाई-फाई जोन शुरू कराया था, जिसकी काफी सराहना हुई थी।




