इन्फोटेनमेन्ट

दर्शकों को खूब झकझोरा अंतर्द्वंद्व नाटक ने

युवा  अभिनेता महेश चंद्र देवा ने एकल अभिनय से लूटी महफिल

लखनऊ (लखनऊ फोकस ब्यूरो)। स्व. राम कृष्ण की स्मृति में मदर सेवा संस्थान की नवीनतम एकल नाट्य प्रस्तुति “अंतर्द्वंद्व” का मंचन शनिवार शाम संगीत नाटक अकादमी की वाल्मीकि रंगशाला में किया गया। इस नाटक ने दर्शकों को बार-बार सोचने को मजबूर किया। अंत में एकल किरदार के सवाल `मैं सूली चढ़ने जा रहा हूं, क्या आप मेरा साथ देंगे?` ने दर्शकों को भीतर तक झकझोर दिया।

इस नाटक की परिकल्पना, लेखन, निर्देशन और अभिनय युवा रंगकर्मी महेश चंद्र देवा ने किया है। एकल नाट्य  में दिखाया गया है कि भगत नाम का व्यक्ति जो एक सीधा साधा गांव से शहर आया लेकिन विचारों के बीच में अंतर्द्वंद्व में फंसा होता है। एक तरफ जहां वह भगत सिंह की विचारधारा में समाज को बदलने की मुहिम को लेकर चलता है, तो  दूसरी तरफ व्यवस्था के ताने-बाने में इस तरह उलझ जाता है कि वह व्यवस्था का एक छोटा-सा मोहरा बनकर रह जाता है।

नाटक में भगत, सरदार भगत सिंह के विचारों को मंच पर दिखाने का प्रयास करता है। अभिनेता बहुत साफगोई से समाज के छोटे-छोटे बिंदुओं को समेटने का भी प्रयास करता है पर फिर वह उन्हीं विचारों के अंतर्द्वंद्व में घिर जाता है कि हम कहां हैं? हम बदलें या बदल दें?

अंत में नाटक ऐसे मोड़ पर खड़ा हो जाता है कि वह खुद ही दर्शकों में सवाल खड़ा करता है कि आपको क्या करना चाहिए?  आज के समय में व्यक्ति किस कदर व्यक्तिवादी होता जा रहा है, इसके साथ ही वह मानवीय संवेदनाओं, मूल्यों को दरकिनार करता जा रहा है,उसका चित्रण नाटक में बखूबी हुआ है। अभिनेता महेश चंद्र देवा ने अपने एकल अभिनय से दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। नाटक का संगीत संचालन श्रीकांत गौतम,रूपसज्जा  सहीर, वेशभूषा ऋतिक शाक्य, मंच निर्माण मो.सैफ व अमन, फोटोग्राफी अजय कुमार, वीडियोग्राफी विनय सिंह तोमर, प्रस्तुति नियंत्रण किरन लता ने किया।

 

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