फाइलेरिया मुक्त उत्तर प्रदेश: 21 जिलों में 83% लोगों ने ली दवा, आज से शुरू होगा ‘मापअप राउंड’

Lucknow Focus News Desk: उत्तर प्रदेश के 21 जिलों में फाइलेरिया संक्रमण को जड़ से मिटाने के लिए चलाए जा रहे सर्वजन दवा सेवन (MDA) अभियान ने एक महत्वपूर्ण पड़ाव पार कर लिया है। 10 से 28 फरवरी तक चले मुख्य अभियान में लक्ष्य के सापेक्ष 83 प्रतिशत आबादी ने फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन किया है। अब स्वास्थ्य विभाग ने छूटे हुए लोगों के लिए 5 से 7 मार्च तक ‘मापअप राउंड’ चलाने का निर्णय लिया है।
आंकड़ों में अभियान की प्रगति
कुल लक्ष्य: 1.40 करोड़ लोग।
दवा सेवन करने वाले: 1.17 करोड़ लोग।
सफलता दर: 83% (विभागीय अपेक्षा 90% है)।
शीर्ष प्रदर्शन करने वाले जिले: बहराइच (93.2%), लखनऊ (91.8%), बांदा (91.3%), औरैया (89.5%) और सोनभद्र (89.5%)।
पिछड़े जिले (80% से कम): अम्बेडकरनगर, उन्नाव, शाहजहांपुर और प्रयागराज।
मापअप राउंड (5-7 मार्च): विशेष रणनीति
स्वास्थ्य विभाग ने मापअप राउंड के दौरान शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की है।
टारगेट एरिया: स्कूल, कॉलेज, कार्यालय, ईंट भट्ठे, जेल, अनाथालय और घुमंतू परिवार।
राज्य फाइलेरिया अधिकारी डॉ. ए.के. चौधरी के अनुसार, एनएचएम एमडी डॉ. पिंकी जोवेल ने निर्देश दिए हैं कि रमजान के कारण मुस्लिम क्षेत्रों में टीमें शाम के समय दवा खिलाने के लिए जाएं। होली की छुट्टियों में घर आए प्रवासियों और कामगारों को विशेष रूप से कवर किया जाएगा।
इनकार करने वालों पर जीत
अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि ‘रिफ्यूजल मैनेजमेंट’ (इनकार करने वालों को समझाना) रही है। प्रारंभिक दौर में 10.17 लाख लोगों ने दवा खाने से मना कर दिया था। सीएचओ (CHO) और पीएसपी सदस्यों की काउंसलिंग के बाद 7.42 लाख (73%) लोगों ने दवा का सेवन किया। भदोही (91%) और बांदा (89%) ने इनकार करने वाले लोगों को मनाने में सबसे शानदार प्रदर्शन किया।
फाइलेरिया का घटता दायरा
प्रदेश के 51 जिलों के 782 ब्लॉकों में फैली यह बीमारी अब तेजी से सिमट रही है। इस बार यह अभियान केवल 21 जिलों के 64 ब्लॉकों तक ही सीमित था, जो इस बीमारी के उन्मूलन की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है।




