यूपी का ‘सिटी ऑफ वेफर’: इस छोटे से जिले के पापड़ का स्वाद पहुंचा विदेश तक, 100 साल पुरानी है कारोबार की विरासत

Lucknow Focus News Desk: भारतीय थाली का अभिन्न हिस्सा माने जाने वाले कुरकुरे और लजीज पापड़ों के लिए उत्तर प्रदेश का एक छोटा सा जिला सदियों से मशहूर है। पश्चिमी यूपी का हापुड़ जिला, जो क्षेत्रफल में यूपी का सबसे छोटा जिला है, वह अपने विशिष्ट स्वादिष्ठ पापड़ों के कारण स्वाद के मामले में एक बड़ा नाम रखता है, इसीलिए इसे ‘पापड़ का शहर’ भी कहा जाता है। हापुड़ में पापड़ बनाने का कारोबार कई सौ साल पुराना है, और कई परिवार पीढ़ियों से इस विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।
हापुड़ के पापड़ की ख़ासियत
हापुड़ में पापड़ की छोटी से लेकर बड़ी-बड़ी फ़ैक्टरियाँ मौजूद हैं, जहाँ विभिन्न प्रकार के पापड़ बनाए जाते हैं। ये पापड़ न केवल स्वाद में लाजवाब और कुरकुरे होते हैं, बल्कि पाचन के लिए भी बेहतर माने जाते हैं। यहां मूंग दाल, उड़द दाल, मैदे, खमीर और साबूदाने के पापड़ समेत तमाम वैरायटी तैयार होती हैं।
पापड़ कारोबारी बताते हैं कि हापुड़ के पापड़ पूरी तरह से हस्तनिर्मित होते हैं। पापड़ का माल तैयार होने के बाद, घरों की महिलाएं इन्हें बेलने का काम करती हैं और इसमें किसी मशीन का इस्तेमाल नहीं किया जाता है। यहां की छतों पर पापड़ सूखते हुए दिखना एक आम नज़ारा है। तैयार माल की पैकिंग के बाद, ये पापड़ पाकिस्तान, बांग्लादेश सहित दुनिया के कई अन्य हिस्सों में भी निर्यात किए जाते हैं।
राजनीतिक हस्तियों को भी भाया स्वाद
हापुड़ के पापड़ों की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कई बड़ी राजनीतिक हस्तियां भी इसका स्वाद चख चुकी हैं।
दिवंगत पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज जब भी हापुड़ आती थीं, तो यहां के पापड़ का स्वाद लेना नहीं भूलती थीं और अपने साथ घर भी लेकर जाती थीं। इसके अलावा, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी हापुड़ के इन मशहूर पापड़ों का स्वाद चख चुके हैं।




