uncategorized

यूपी में मौसम का मिजाज बिगड़ा: बारिश और ओलों ने बढ़ाई ठिठुरन, आज 27 जिलों में अलर्ट

Lucknow Focus News Desk: उत्तर प्रदेश में फरवरी की शुरुआत उम्मीद से कहीं ज्यादा ठंडी और भीगी हुई हुई है। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी और सक्रिय हुए ‘पश्चिमी विक्षोभ’ ने पूरे प्रदेश के मौसम को पूरी तरह पलट कर रख दिया है। शनिवार देर रात से शुरू हुआ बारिश और ओलावृष्टि का दौर सोमवार को भी थमने के आसार नहीं दिख रहे हैं। मौसम विभाग ने आज प्रदेश के बड़े हिस्से के लिए चेतावनी जारी की है, जिससे जनजीवन और खेती-किसानी पर असर पड़ना तय माना जा रहा है।

पश्चिम से शुरू हुआ बारिश का दौर अब पूरे प्रदेश में

शनिवार रात और रविवार को पश्चिमी यूपी के जिलों जैसे बागपत, बिजनौर और मुरादाबाद में जमकर मेघ बरसे। बागपत में सबसे ज्यादा 25 मिमी बारिश दर्ज की गई। अब यह मौसमी बदलाव पश्चिम से आगे बढ़कर मध्यांचल, अवध और बुंदेलखंड की ओर बढ़ रहा है। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो अगले 48 घंटों में लखनऊ समेत पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बादल बरसेंगे।

आज ओलों और वज्रपात की चेतावनी

मौसम विभाग ने सोमवार के लिए 27 जिलों में ओलावृष्टि (Hailstorm) का ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है।

ओलों की मार: सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, आगरा, बरेली, मुरादाबाद और झांसी समेत तराई और पश्चिमी इलाकों में ओले गिरने की प्रबल संभावना है।

तेज हवाएं: कई जिलों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलेंगी, जिससे ठंड का एहसास और बढ़ जाएगा।

आकाशीय बिजली: लखनऊ, कानपुर, उन्नाव और प्रयागराज समेत लगभग 40 से अधिक जिलों में बिजली गिरने (Lightning) की चेतावनी दी गई है। प्रशासन ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदान या पेड़ों के नीचे न जाने की सलाह दी है।

दृश्यता हुई शून्य, सड़कों पर बढ़ी मुश्किल

एक तरफ जहां बारिश हो रही है, वहीं बरेली, प्रयागराज और कानपुर जैसे शहरों में सुबह घना कोहरा भी देखने को मिला। यहाँ दृश्यता (Visibility) घटकर शून्य तक पहुंच गई, जिससे हाईवे पर यातायात की रफ्तार बेहद धीमी हो गई है। तापमान में 3 से 4 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोग एक बार फिर भारी ऊनी कपड़ों और अलाव की शरण में पहुंच गए हैं।

खेती पर दोहरी मार

अचानक हुई इस बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि गेहूं और सरसों की फसलों के लिए यह ओलावृष्टि काफी नुकसानदेह साबित हो सकती है। तेज हवाओं के कारण खड़ी फसलें गिरने का भी डर बना हुआ है।

4 फरवरी तक ऐसा ही रहेगा मौसम

आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, मौसम का यह उथल-पुथल भरा मिजाज 4 फरवरी तक बना रहेगा। इसके बाद ही आसमान साफ होने और धूप खिलने की उम्मीद है। हालांकि, कोहरे का प्रकोप तराई इलाकों में जारी रह सकता है।

Related Articles

Back to top button