हेल्थ एंड वेलनेस

क्या है ट्रेंडिंग ‘3-3-3 वॉकिंग फॉर्मूला’? जानें क्या वाकई इससे तेजी से घटता है वजन

Lucknow Focus News Desk:  आधुनिक जीवनशैली में मोटापा और बढ़ता वजन एक वैश्विक चुनौती बन चुका है। वजन घटाने (Weight Loss) के नित नए तौर-तरीकों के बीच इन दिनों फिटनेस की दुनिया में ‘3-3-3 वॉकिंग फॉर्मूला’ काफी सुर्खियां बटोर रहा है। जापान की शिनशू यूनिवर्सिटी (Shinshu University) के शोधकर्ताओं द्वारा विकसित यह अनूठा वॉकिंग मेथड सामान्य वॉक की तुलना में कहीं अधिक प्रभावी और वैज्ञानिक माना जा रहा है।

समझें क्या है 3-3-3 वॉकिंग फॉर्मूला?

3-3-3 वॉकिंग फॉर्मूला मूल रूप से ‘इंटरवल वॉकिंग’ (Interval Walking) का एक सरल और व्यावहारिक रूप है। इसमें व्यक्ति को एक ही गति (रफ्तार) में चलने के बजाय अपनी गति को समय-समय पर बदलना होता है। इसकी कार्यप्रणाली इस प्रकार है:

  • प्रथम 3 मिनट (धीमी गति): शुरुआत के 3 मिनट पूरी तरह सामान्य या धीमी रफ्तार से वॉक करें। इसमें आराम से टहलें ताकि आपका हार्ट रेट (Heart Rate) सामान्य बना रहे।

  • अगले 3 मिनट (तीव्र गति): इसके तुरंत बाद अगले 3 मिनट के लिए अपनी रफ्तार को काफी बढ़ा दें। इसमें अपनी बांहों को तेजी से चलाएं और इतनी तेज चलें कि सांस थोड़ी फूलने लगे (हाई-इंटेंसिटी)।

  • चक्र की पुनरावृत्ति (3 से 5 बार): धीमी और तेज गति के इस 6 मिनट के एक चक्र को प्रतिदिन 3 से 5 बार दोहराना होता है। यानी कुल मिलाकर 18 से 30 मिनट की वर्कआउट अवधि।

क्या वाकई यह वजन घटाने में कारगर है?

हाँ, वैज्ञानिक दृष्टिकोण से यह सामान्य वॉक से कहीं बेहतर परिणाम देता है। जब शरीर लगातार धीमी और तेज गति के बीच तालमेल बिठाता है, तो उसे अधिक ऊर्जा (Energy) खर्च करनी पड़ती है।

सामान्य वॉक बनाम 3-3-3 वॉकिंग फॉर्मूला

मापदंड (Parameters) सामान्य वॉक (Normal Walk) 3-3-3 वॉकिंग फॉर्मूला (Interval Walk)
कैलोरी बर्न (Calorie Burn) सीमित और एकसमान दर से। अत्यधिक उच्च (गति बदलने के कारण)।
मेटाबॉलिज्म (Metabolism) वॉक खत्म होने के साथ ही सामान्य हो जाता है। बूस्ट होता है (वॉक के बाद भी कैलोरी बर्न जारी रहती है)।
जोड़ों पर दबाव (Joints Strain) कम दबाव। सुरक्षित और कम दबाव (दौड़ने या भारी जिम की तुलना में)।
हार्ट रेट वेरिएशन स्थिर रहता है। उतार-चढ़ाव युक्त (दिल की मांसपेशियों के लिए बेहतर)।

3-3-3 वॉकिंग के प्रमुख स्वास्थ्य लाभ (Key Health Benefits)

  1. आफ्टरबर्न इफेक्ट (Afterburn Effect): रफ्तार में बार-बार बदलाव होने के कारण शरीर ‘प्लेटो’ (स्टैग्नेंट फेज) में नहीं जाता। इससे मेटाबॉलिज्म इतना सक्रिय हो जाता है कि वॉक खत्म होने के बाद भी शरीर कैलोरी बर्न करता रहता है, जिससे वजन नियंत्रण में मदद मिलती है।

  2. कार्डियो सेहत और स्टैमिना: जब आप 3 मिनट तेज चलते हैं, तो धड़कनें बढ़ती हैं जिससे हृदय मजबूत होता है। अगले 3 मिनट धीमा चलने से दिल को रिकवरी का समय मिलता है, जो स्टैमिना बढ़ाता है।

  3. ब्लड शुगर और बीपी नियंत्रण: शोध के अनुसार, यह इंटरवल वॉकिंग इंसुलिन संवेदनशीलता (Insulin Sensitivity) में सुधार करती है, जो डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर (BP) के मरीजों के लिए अत्यंत लाभकारी है।

Disclaimer: इस रिपोर्ट में सुझाए गए टिप्स केवल सामान्य जागरूकता और शैक्षणिक जानकारी के लिए हैं।  इसे अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या प्रमाणित फिटनेस विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।

Also Read: गुरु पूर्णिमा से पहले वृंदावन पहुंचे अनुष्का-विराट, संत प्रेमानंद महाराज का लिया आशीर्वाद

Related Articles

Back to top button