‘ऑपरेशन सिंदूर’ का भारतीय मुद्रा पर असर, डॉलर के मुकाबले रुपया हुआ कमजोर

Lucknow Focus News Desk: पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सेना ने मंगलवार और बुधवार की दरम्यानी रात पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में आतंकवादी ठिकानों पर जबरदस्त कार्रवाई की। इस सैन्य कार्रवाई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम दिया गया है, जिसके तहत भारतीय वायुसेना ने जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के ठिकानों पर मिसाइल हमले किए।
सेना ने जानकारी दी कि इस अभियान के तहत आतंकवादियों के नौ ठिकानों को निशाना बनाकर तबाह किया गया। इनमें बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय और मुरीदके में लश्कर-ए-तैयबा के ट्रेनिंग कैंप शामिल थे। यह कार्रवाई पहलगाम हमले के 15वें दिन की गई, जिसमें 26 निर्दोष लोगों की जान गई थी। हमले का शिकार हुए अधिकतर लोग पर्यटक थे।
इस सैन्य कार्रवाई के बाद अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में रुपये पर भी प्रभाव पड़ा। बुधवार सुबह शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 31 पैसे कमजोर होकर 84.66 पर पहुँच गया। इससे पहले मंगलवार को रुपया 5 पैसे की गिरावट के साथ 84.35 पर बंद हुआ था।
फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स एलएलपी के ट्रेजरी हेड और एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनिल कुमार भंसाली ने TOI से बातचीत में बताया, “इस स्थिति में आयातकों और सट्टेबाजों की ओर से डॉलर की माँग बढ़ सकती है, जिससे रुपये पर दबाव आ सकता है। हालांकि, भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) रुपये को अत्यधिक गिरावट से बचाने के लिए हस्तक्षेप कर सकता है।”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि मौजूदा हालात को देखते हुए विदेशी निवेशक शेयर बाजारों से कुछ पूंजी निकाल सकते हैं, लेकिन वे तात्कालिक प्रतिक्रिया देने के बजाय परिस्थितियों के और स्पष्ट होने का इंतजार करेंगे।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ दिनों तक मुद्रा और शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, और रुपये की स्थिरता काफी हद तक RBI की रणनीति पर निर्भर करेगी।




