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महिला आरक्षण विवाद: किरेन रिजिजू का कांग्रेस पर हमला, ‘महिलाओं का आक्रोश झेलना होगा’

Lucknow Focus News Desk: लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक के पारित न होने के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सियासी टकराव तेज हो गया है। इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस आमने-सामने हैं।

जहां कांग्रेस इस घटनाक्रम को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठा रही है, वहीं केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है।

‘महिलाओं को हुआ नुकसान’-रिजिजू

किरण रिजिजू ने कहा कि राजनीतिक कारणों और महिलाओं को अधिकार न देने की मानसिकता के चलते कांग्रेस और विपक्ष ने इस विधेयक को पारित नहीं होने दिया। उन्होंने कहा कि इससे देश की महिलाओं को नुकसान हुआ है और उन्हें निर्णय प्रक्रिया में उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिल सका।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि संसद में ‘नारी शक्ति बिल’ बहुमत के अभाव में पास नहीं हो सका। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि उन्होंने इस गंभीर मुद्दे को भी राजनीतिक नजरिए से देखा और सहयोग नहीं किया।

विपक्ष को देना होगा जवाब

रिजिजू ने कहा कि विपक्ष के समर्थन न मिलने के कारण दो-तिहाई बहुमत हासिल नहीं हो पाया। अब कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों को महिलाओं के सवालों और आक्रोश का सामना करना पड़ेगा। केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी पर महिला विरोधी होने का ठप्पा लग चुका है, जो आसानी से हटने वाला नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि विधेयक गिरने के बाद जश्न मनाना महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ मानसिकता को दर्शाता है।

‘बहानेबाजी नहीं चलेगी’

रिजिजू ने कहा कि विपक्ष अब इस मुद्दे पर बहानेबाजी नहीं कर सकता। उन्होंने दावा किया कि सरकार महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने के लिए प्रतिबद्ध थी, लेकिन विपक्ष ने इसमें बाधा डाली। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ कांग्रेस सांसदों ने निजी तौर पर सरकार की मंशा को सही बताया, लेकिन पार्टी नेतृत्व, खासकर राहुल गांधी, इस पर सहमत नहीं हुए।

परिसीमन और प्रक्रिया पर भी दिया जवाब

रिजिजू ने स्पष्ट किया कि परिसीमन की प्रक्रिया और नियम पहले से ही लागू हैं और यह कांग्रेस सरकार के समय से ही चले आ रहे हैं। इस मुद्दे पर सभी राजनीतिक दलों के साथ आंकड़े साझा किए गए थे और उन्होंने इसकी सराहना भी की थी।

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