उत्तर प्रदेश
UP IAS Transfer: यूपी में 11 जिलाधिकारियों समेत 33 IAS अफसरों का तबादला, मुख्यमंत्री के सचिव सहित कई बड़े पदों पर फेरबदल

उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 33 आईएएस अधिकारियों का तबादला किया है। इनमें 11 जिलों के डीएम शामिल हैं, जबकि मुख्यमंत्री कार्यालय, नगर निगम, परिवहन, सूचना और स्वास्थ्य विभाग समेत कई प्रमुख पदों पर भी नए अधिकारियों की तैनाती की गई है।

मुख्यमंत्री के सचिव समेत कई बड़े बदलाव
- वाराणसी मंडल के कमिश्नर कौशल राज शर्मा को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सचिव नियुक्त किया गया है।
- आजमगढ़ के डीएम नवनीत सिंह चहल और कुशीनगर के डीएम विशाल भारद्वाज को विशेष सचिव बनाया गया है।
- वाराणसी के डीएम एस. राजलिंगम को मंडलायुक्त की जिम्मेदारी दी गई है।
- मुख्यमंत्री कार्यालय के विशेष सचिव सत्येंद्र कुमार को वाराणसी का नया जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है।
अन्य प्रमुख प्रशासनिक बदलाव
- प्रमुख सचिव (स्टांप एवं पंजीयन) अमित गुप्ता को अब परिवहन विभाग के साथ उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के अध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
- उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कॉर्पोरेशन (UPMSC) के एमडी जगदीश को गृह विभाग का सचिव बनाया गया है।
- भदोही के डीएम विशाल सिंह को निदेशक सूचना विभाग नियुक्त किया गया है।
- इंद्रजीत सिंह को हटाकर गौरव कुमार को लखनऊ नगर आयुक्त की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जिन जिलों के डीएम बदले गए हैं:
- वाराणसी
- हापुड़
- आजमगढ़
- बरेली
- अंबेडकरनगर
- गाजीपुर
- झांसी
- महोबा
- कुशीनगर
- संतकबीरनगर
- भदोही
मुख्य विकास अधिकारियों की नई तैनाती
- गोरखपुर, प्रयागराज, और श्रावस्ती में नए मुख्य विकास अधिकारी (CDO) तैनात किए गए हैं।
- गोरखपुर के CDO संजय कुमार मीणा को मेरठ विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष बनाया गया है।
- वहीं, मेरठ विकास प्राधिकरण के पूर्व उपाध्यक्ष अभिषेक पांडेय को हापुड़ का डीएम बनाया गया है।
- श्रावस्ती के CDO अब मुरादाबाद विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष के तौर पर कार्यभार संभालेंगे।
सूचना विभाग और खादी में बदलाव
सूचना निदेशक शिशिर को अब खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड का CEO, एमएसएमई और निर्यात प्रोत्साहन विभाग का विशेष सचिव नियुक्त किया गया है। इस व्यापक फेरबदल से उत्तर प्रदेश सरकार के प्रशासनिक ढांचे में नए ऊर्जा और दक्षता के साथ बदलाव की उम्मीद की जा रही है। योगी सरकार की इस कार्यवाही को आने वाले विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था की स्थिति को सुदृढ़ करने की दिशा में एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है।





