69000 शिक्षक भर्ती: आरक्षण पीड़ित अभ्यर्थियों ने ‘दिवाली न मनाने’ का लिया फैसला

Lucknow Focus News Desk: उत्तर प्रदेश की 69000 सहायक शिक्षक भर्ती के आरक्षण से प्रभावित अभ्यर्थियों ने अभी तक न्याय न मिलने के विरोध में इस बार दीपावली का त्यौहार न मनाने का फैसला किया है। अभ्यर्थियों ने प्रदेश सरकार पर मामले में हीलाहवाली करने का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट में होने वाली अगली सुनवाई में ‘याची लाभ’ का प्रस्ताव देने की मांग की है।
सरकार की लचर पैरवी से न्याय में देरी
पिछड़ा दलित संयुक्त मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सुशील कश्यप और प्रदेश संरक्षक भास्कर सिंह ने कहा कि पिछले पांच वर्षों से इन अभ्यर्थियों का दीपावली का त्यौहार खराब जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती में आरक्षण की गड़बड़ी के कारण वे नौकरी पाने से वंचित हैं, जबकि उन्होंने हाईकोर्ट की सिंगल बेंच और डबल बेंच दोनों से जीत हासिल की है।
मोर्चा के राजन जायसवाल और जगबीर सिंह चौधरी ने आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि “सुप्रीम कोर्ट में सरकार की लचर पैरवी और संवेदनहीनता के कारण सुनवाई नहीं हो पा रही है। पिछले 14 महीनों में 23 से अधिक बार तारीख लग चुकी है, किंतु प्रदेश सरकार आरक्षण प्रभावित अभ्यर्थियों को न्याय देने के लिए तत्पर नहीं है।”
28 अक्टूबर को अंतिम मौका, वरना आंदोलन होगा तेज
अभ्यर्थियों ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि 28 अक्तूबर को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई में वह याचियों के पक्ष में याची लाभ का हलफनामा दाखिल करे।
मोर्चा ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ऐसा नहीं करती है, तो आरक्षण प्रभावित अभ्यर्थी आंदोलन तेज करने पर मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि इसके तहत राजधानी में आंदोलन किया जाएगा और विधानसभा का घेराव भी करेंगे। इसके अलावा, जनजागरण अभियान चलाकर हर जिले में घर-घर जाकर यह बताया जाएगा कि प्रदेश सरकार ने आरक्षण पीड़ित अभ्यर्थियों के साथ किस प्रकार का सौतेला व्यवहार किया है।




