UP News: बाराबंकी में ग्रामीण नेतृत्व विकास पर दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित

Lucknow Focus News Desk: बाराबंकी जिले के बनीकोडर ब्लॉक के गाँव छंदवल स्थित चाइल्ड फ्रेंडली स्कूल में ग्रामीण नेतृत्व विकास कार्यक्रम के तहत एक महत्वपूर्ण दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम पंच परमेश्वर विद्यापीठ, तीसरी सरकार अभियान, इंडिया पंचायत फाउंडेशन, मिशन समृद्धि और बिरजू संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया था।

कार्यशाला के मुख्य आकर्षण
गाँव की चुनौतियों और समाधान पर गहन चर्चा
विवेकवान ग्रामीण नेतृत्व को बढ़ावा देने पर जोर
60 से अधिक समाजसेवियों ने लिया भाग
विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव
कार्यशाला में मुख्य प्रशिक्षक के रूप में तीसरी सरकार अभियान उत्तर प्रदेश के संस्थापक और पंच परमेश्वर विद्यापीठ के कुल गुरु डॉ. चंद्रशेखर प्राण ने ग्रामीण नेतृत्व के गुर सिखाए। उन्होंने “दृष्टि और दृश्य” के अंतर को समझाते हुए बताया कि गाँव की समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए नेतृत्व कैसा होना चाहिए।
दिल्ली से आए पानी विशेषज्ञ अरुण तिवारी, मिशन समृद्धि के प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर पंकज तिवारी, और कई विश्वविद्यालयों में कुलसचिव रहे पीएन प्रसाद ने भी ग्रामीण विकास पर अपने विचार साझा किए।
प्रतिभागियों ने की समूह चर्चा
प्रतिभागियों को पाँच समूहों में बाँटकर गाँव की समस्याओं, चुनौतियों और समाधान पर चर्चा कराई गई। इसके बाद प्रत्येक समूह ने अपने विचार प्रस्तुत किए।
डॉ. प्राण ने जोर देकर कहा कि “परिवार, पड़ोस और गाँव के समूह से बने समाज को विवेकवान बनाने के लिए युवाओं को आगे आना होगा।”
कार्यक्रम में शामिल प्रमुख लोग
रेड क्रॉस के चेयरमैन शैलेंद्र सिंह
खुशहालपुर डिग्री कॉलेज के प्रवक्ता डॉ. विनोद गौतम
द बुद्धिस्ट सोसाइटी ऑफ इंडिया के जिलाध्यक्ष हरिनंदन सिंह गौतम
भीम आर्मी के शिवबर्न सिंह
सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी जेएल भास्कर
प्रसिद्ध गीतकार साहब नारायण शर्मा
आयोजन में सहयोग
चाइल्ड फ्रेंडली स्कूल के प्रधानाचार्य विनोद कुमार और शिक्षिकाओं ने इस कार्यक्रम के सफल आयोजन में विशेष योगदान दिया। बिरजू संस्थान के अध्यक्ष रत्नेश कुमार ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया और कार्यशाला के उद्देश्यों के बारे में विस्तार से बताया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण नेतृत्व को मजबूत करना और समाज में सकारात्मक बदलाव लाना था। प्रतिभागियों ने इसे अत्यंत लाभदायक बताया और आगे भी ऐसे कार्यक्रमों की माँग की।




